स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद के सहयोग से जिले भर के तालाबों में डाली मछलियां
सूख चुके 45 में से 20 तालाबों में मच्छर मारने की दवाई का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। बरसात के आगे बढ़ते ही डेंगू ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। 17 सितंबर को 10 और इससे पांच दिन पहले एक साथ 11 मामले मिलने से जहां स्वास्थ्य की चिंता बढ़ गई है वहीं, डेंगू से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकतर मामले शहर की बजाए ग्रामीणों से आए हैं।
इस कारण स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद के सहयोग से जिले के करीब 45 तालाबों में से 25 में डेंग और उसके लारवा से निपटने के लिए गंबूसिया मछली डाली है। इसके अलावा सूख चुके 20 तालाबों में दवाई का छिड़काव किया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद को पत्र लिखकर मिलकर अभियान को चलाने को कहा था।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को डेंगू से बचाने के लिए लगातार प्रयास जारी है। करीब दो माह से अभियान चला कर जागरूक किया जा रहा है। वहीं, संभावित स्थानों पर दवाई के छिड़काव के साथ ही फॉगिंग भी करवाई जा रही है। अब इसी कड़ी में तालाबों में मच्छरों के खात्मे के लिए गंबूसिया मछलियां डाली गई हैं।
24 घंटे में 300 लारवा तक खा जाती मछली
विभाग के अनुसार गंबूसिया मछलियां डेंगू फैलाने वाली मादा एडिस और मलेरिया फैलाने वाले एनफलीज मच्छरों के लारवा को तेजी से खा जाती हैं। यह मछली 24 घंटे में करीब 100 से 300 तक लारवा खा सकती है। इन मछलियों को पनपने में चार से सात माह तक का समय लगता है। अमूमन इन मछलियों की उम्र पांच साल तक होती है।
नगर परिषद के सहयोग से जिले के करीब 45 तालाबों में से 25 में गंबूसिया मच्छलियां डाली गई हैं। साथ ही अन्य सूख चुके 20 तालाबों में दवाई का छिड़काव किया गया है। यह डेंगू मच्छर के खात्मे के लिए किया गया है। जिले में डेंगू के ज्यादातर मामले ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं। इसलिए तालाबों में मच्छलियां डाली गई हैं। इनसे डेंगू के खात्मे में मदद मिलेगी।
- डॉक्टर राजकुमारी सकोलिया, बीएमओ टिकरी