कहा- मौत के बाद भी कर दिया जीएमसी जम्मू रेफर, चिकित्सा अधीक्षक ने दिया जांच का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सीने में दर्द उठने पर पंचैरी के गलियोत से जीएमसी पहुंची महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि मौत के बावजूद अपना पल्ला झाड़ने के लिए उसे जम्मू रेफर कर दिया। इसे लेकर डॉक्टर एवं अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच हंगामा हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करने की को कोशिश की। अस्पताल प्रशासन की ओर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हो पाया।
मंगलवार को तहसील पंचैरी के गलियोत निवासी कृष्ण ने बताया कि उनकी 45 वर्षीय पत्नी दर्शना देवी को सीने में दर्द की शिकायत के चलते जीएमसी में लाया गया था। जहां डाक्टर ने उसे दवाई देकर वापस भेज दिया, जबकि वह डाक्टर को बोलते रहे कि मरीज को सीने में और बाजू में दर्द हो रहा है। लेकिन, डाक्टरों ने एक नहीं सुनी और वापस भेज दिया। इसके बाद वह पास ही कमरा लेकर रुक गए। रात में महिला की हालत बिगड़ने लगी तो उसे फिर से जीएमसी पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने सही ढंग से जांच किए बिना ग्लूकोज की दो बोतलें चढ़ाने के साथ ही इंजेक्शन लगाया। इससे महिला हालत और बिगड़ने लगी और शरीर ठंडा हो गया। उन्होंने डाक्टर को बताया, लेकिन कोई गौर नहीं की गई। दस मिनट में महिला की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला की मौत के बावजूद डाक्टरों ने आनन-फानन में अपना पल्ला झाड़ने के लिए उसे जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया। जब इस संबंध में डाक्टरों से पूछा गया कि जब उसकी मौत हो चुकी है तो फिर जम्मू क्यों रेफर किया जा रहा है। इसे लेकर परिजनों व डाक्टरों में जमकर बहसबाजी हुई।
मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों ने डाॅक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराया। परिजनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी डाक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री पवन कुमार गुप्ता ने भी इस मामले में डीसी से निष्पक्ष जांच करवाने का मृतक महिला के परिजनों को आश्वासन दिया। जीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक संजय शर्मा ने दो दिन में मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।