बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित और अभिभावकों में रोष, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठने लगे सवाल
लेक्चरर के चार, मास्टर ग्रेड के तीन और शिक्षकों के दो पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के साथ लगते पखलाई क्षेत्र में 1983 में शिक्षा विभाग की ओर से हाई स्कूल खोला गया था। बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 2020 में इस स्कूल को अपग्रेड करके हायर सेकेंडरी बना दिया गया। लेकिन, हैरानी की बात है कि चार साल बाद भी स्कूल में लेक्चरर, मास्टर ग्रेड और शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इस कारण जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है वहीं, अभिभावकों में रोष है। वहीं, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
एक तरफ सरकार की ओर से बच्चों को घर द्वार पर शिक्षा मुहैया करवाने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इसका उदाहरण हायर सेकेंडरी स्कूल पखलाई है। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती क्षेत्र होने के बावजूद स्कूल में अध्यपाकों की चार साल बाद भी तैनाती न होने से लोगों में रोष है। मौजूदा समय में स्कूल में लेक्चरर के चार, मास्टर ग्रेड के तीन और शिक्षकों के दो पद रिक्त हैं। स्कूल में करीब 300 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। लेक्चरर और मास्टर ग्रेड की जगह अन्य शिक्षक ही पढ़ाई करवा रहे हैं। स्कूल में गणित, इंग्लिश सहित अन्य विषयों के लेक्चरर नहीं हैं।
स्कूल में लेक्चरर और मास्टर ग्रेड के शिक्षकों की तैनाती नहीं होने की जानकारी है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द रिक्त पदों को भर दिया जाएगा।
- कल्पना जसरोटिया, उप मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमपुर