शहर के मिडिल स्कूलों का हाल, अभिभावक बच्चे चिंतित, सता रहा पाठ्यक्रम कवर नहीं होने का डर
परवेज खान
उधमपुर। जिले में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को कई विषयों की किताबें नहीं मिली हैं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षक भी परेशान हैं। एक-दो माह में किताबें उपलब्ध नहीं होने से बच्चों को पाठ्यक्रम पूरा करने की चिंता सता रही है। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बोर्ड की ओर से कुछ पुस्तकों की छपाई ही नहीं हुई है।
हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को जल्द किताबें मुहैया करवाने के प्रयास जारी हैं। लेकिन बोर्ड में अभी किताबें ही नहीं पहुंची हैं। अभिभावकों का कहना है कि अगर सरकार बच्चों को बोर्ड की किताबें देना चाहती थी तो नया सत्र शुरू होने से पहले ही छपाई करवानी चाहिए थी, ताकि उन्हें परेशान न होना पड़ता। गौरतलब है कि शहर में प्राइमरी स्कूल से लेकर मिडिल स्कूलों की संख्या 28 है। इनमें करीब चार हजार बच्चे पढ़ते हैं। संवाद
पहली से 8वीं कक्षा बच्चों को नहीं मिलीं ये पुस्तकें
कक्षा किताबें
पहली हिंदी, इंग्लिश, गणित और डोगरी
दूसरी हिंदी, गणित और डोगरी
तीसरी हिंदी, उर्दू और डोगरी
चौथी इंग्लिश, हिंदी, उर्दू और डोगरी
पांचवीं हिंदी, गणित, उर्दू और डोगरी
छठीं गणित, इतिहास, उर्दू और डोगरी
सातवीं गणित और डोगरी
आठवीं उर्दू, गणित और डोगरी
पहली से 8वीं तक एक-दो किताबों के सहारे पढ़ाई
नया सत्र शुरू हुए 20 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी तक पहली से 8वीं कक्षा तक एक-दो किताबों की ही पढ़ाई हो रही है। ऐसे में समय बीतने के साथ ही बच्चों पर अन्य आनी वाली किताबों का सिलेबस पूरा करने का बोझ बढ़ेगा।
बोर्ड की ओर से अभी कुछ विषयों की किताबों की छपाई ही नहीं हुई है। विभाग की ओर से बच्चों को जल्द किताबें मुहैया करवाने का प्रयास जारी है। लगातार शिक्षा निदेशक को इस समस्या से अवगत करवाया जा रहा है। किताबें मिलने में देरी होने से सिलेबस पूरा करने में काफी दिक्कतें आएंगी। इसका असर परीक्षा परिणामों में भी देखने को मिलेगा।
- गीतू बंगोत्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, उधमपुर