फैला कचरा और दुर्गंध शहर के दो किलोमीटर हिस्से की हजारों की आबादी को कर रही प्रभावित
कई सरकारी कार्यालय होने के चलते कामकाज के लिए आने वाले लोग हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर के अति व्यस्तम सलाथिया चौक पर बना नाला कचरे के कारण छह माह से बंद हैं। इस कारण जहां मक्खी-मच्छर परेशान कर रहे हैं, वहीं, दुर्गंध से लोगों और दुकानदारों का जीना मुहाल हो गया है।
हैरानी की बात है कि शहर के बीचोबीच स्थित विभिन्न बाजारों को जोड़ने का मुख्य चौक में ही सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। इस कारण लोगों में नगर परिषद के खिलाफ रोष व्याप्त है। इसी चौक के पास ही जिला कोर्ट, तहसील और डीसी दफ्तर होने के बावजूद सफाई व्यवस्था चरमराना व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
सलाथिया चौक पर शहर के आसपास के क्षेत्रों सहित रौंदोमेल, मजालता, जगानू, रामबन, एयरफोर्स स्टेशन आदि इलाकों को जाने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में यात्री वाहनों का इंतजार करते हैं। उन्हें बंद नाले उठने वाली दुर्गंध से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब दो किलोमीटर लंबा यह नाला दोमेल चौक से शुरू होकर सलाथिया चौक से पांच सौ मीटर आगे तक जाता है। इसके आसपास कई बाजार और स्थानीय आवास होने के चलते हजारों की आबादी निवास करती है। लेकिन, नाला बंद होने से पांच सौ मीटर हिस्से में काफी ज्यादा परेशानी हो रही है।
चौक से चंद कदमों की दूरी पर हैं प्रशासनिक दफ्तर
सलाथिया चौक से चंद कदमों की दूरी पर डीसी दफ्तर, जिला कोर्ट परिसर और ट्रेजरी के अलावा तहसील कार्यालय है। इसके चलते रोजाना हजारों की संख्या में लोगों का आना जाना लगा रहता है। इतना ही नहीं इसी चौक से होकर कई अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन आजतक किसी ने भी सुध नहीं ली है।
नगर परिषद की ओर से नाले की सफाई के लिए लगाया गया कर्मचारी काफी समय से यहां पर नहीं आया है। इस कारण नाला बंद होने के साथ ही आसपास कचरा फैला हुआ है। चौक को शहर का अति व्यस्त चौक माना जाता है। शहर के बाजारों व मुख्य बस अड्डे को जोड़ने का यही रास्ता है। लेकिन, यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।
- रोमी शर्मा, स्थानीय निवासी
इस चौक पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग शहर व आसपास के इलाकों रामनगर, रौंदोमेल, मनवाल व मजालता की ओर जाने के लिए वाहनों का इंतजार करते हैं। लेकिन सफाई व्यवस्था न होने के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। नाले से उठने वाली दुर्गंध के चलते यहां पर कोई रुकना पसंद नहीं करता है।
- राम प्रसाद, स्थानीय निवासी
इस चौक की स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अन्य वार्डों में कैसे हालात होंगे। मौजूदा समय में डेंगू का सीजन चल रहा है और सरकार की और से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। लेकिन, इस बंद हुए नाले को खोलने और सफाई की जहमत नहीं उठाई जा रही है। इससे लोगों में नगर परिषद के खिलाफ रोष व्याप्त है।
- हेमराज समालिया, स्थानीय निवासी
नगर परिषद से यही मांग है कि इस चौक पर बंद पड़े नाले की साफ-सफाई करवाकर लोगों को समस्या से निजात दिलाई जाए। साथ ही सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए, ताकि लोगों को आ रही परेशानी से राहत मिल सके। मुख्य चौक चौराहों की ऐसी दशा नगर परिषद के दावों की पोल खोल रही है।
- संजय सन्याल, स्थानीय निवासी
समय-समय पर परिषद की ओर से बंद हुए नालों की साफ-सफाई करवाई जाती है। अगर इस नाले पर सफाई नहीं हुई है तो इस पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। साथ ही सफाई कर्मचारियों को भेजकर चौक पर सफाई व्यवस्था को सुचारु किया जाएगा। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि आगे से ऐसा न हो।
- विशाल सड़ोत्रा, सीईओ, नगर परिषद, उधमपुर