राहगीरों सहित दोपहिया चालकों के लिए बनीं परेशानी का सबब
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर भर में केबल का मक्कड़जाल लोगों सहित वाहन चालकों के लिए गले की फांस बन चुका है। साथ ही हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल, फाइबर केबल व टेलीफोन के तार बिजली के खंभों से बांधी गई है। लेकिन अनदेखी के चलते ये केबल गलियों व सड़कों के बीचोबीच लटक रहे हैं। इस कारण हर समय हादसे का डर बना रहता है। शहरवासियों ने कई बार इसकी शिकायत बिजली एवं संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से की है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शहर के वार्ड 02, 04, 11, 12, 15 और 17 सहित अन्य स्थानों में गली के बीचोबीच केबल लटक रही हैं। इस कारण स्थानीय लोग काफी परेशान है। लोगों का कहना है कि अगर बिजली विभाग द्वारा अपने खंभों पर केबल को बांधने की अनुमति कंपनी वालों को दी है तो उनका रखरखाव भी जरूरी है जोकि नहीं हो रहा है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। खासकर केबल वायर्स की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता है।
सड़क के बीचोबीच लटक रहीं केबल खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। दिन में तो यह केबल दिख जाती हैं, लेकिन रात के समय दिखाई न देने के चलते कई बार दोपहिया वाहन चालक इसकी चपेट में आकर गिर कर घायल हो चुके हैं।
- अमन शर्मा, स्थानीय निवासी
लोग कई बार प्रशासन व संबंधित विभाग से शहर के बीचोबीच लटक रहे फाइबर, टेलीफोन व केबल को ठीक करवाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं हुआ है। कंपनी के कर्मचारी केबल लगाकर चले जाते हैं। फिर एक बार भी देखने के लिए नहीं आते हैं कि उनकी केबल ठीक है या नहीं।
- महेश बनाथिया, समाज सेवक
बिजली विभाग की ओर से कंपनी वालों से किराया लेकर बिजली के खंभों में केबल लगाने की अनुमति दे दी जाती है। लेकिन उसके बाद उनका कोई भी लेना देना नहीं होता है। हालांकि, रोजाना कई बिजली के कर्मचारी शहर का चक्कर लगाते रहते है, उनके द्वारा लटकती केबल को देखने के बावजूद नजरअंदाज कर दिया जाता है।
-सौरभ दूबे, स्थानीय निवासी
शहर में जगह-जगह लटक रही फाइबर व केबल की तारें लोगों के लिए परेशानी का सबब बनने के साथ ही हादसों को न्यौता दे रही हैं। बिजली विभाग व प्रशासन से मांग है कि जिन कंपनी वालों की केबल बीच सड़कों पर लटक रही हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि वह केबल का ध्यान रखें।
- अमित सलारिया, स्थानीय निवासी
कंपनी की ओर से विभाग को पांच सौ रुपये प्रति माह किराया खंभें से फाइबर या केबल बांधने के लिए लिया जाता है। अभी यहां पर केबल को भूमिगत करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कंपनी के अधिकारियों को तारों की मरम्मत करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।
- अनिल हीरा, एईई, बिजली विभाग, उधमपुर