जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग ने उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही एक माह से जिले के जंगल धधक रहे हैं। इससे वन संपदा को करोड़ों रुपये का नुकसान होने के साथ ही कई जीव-जंतु मारे जा चुके हैं। वन विभाग ने उन जगहों को चिह्नित किया है जहां आग की घटनाएं होने की संभावना अधिक है। इसके लिए 10 टीमों का गठन कर आग नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं। हर टीम में छह सदस्यों की तैनाती की गई है।
टीम में वन विभाग व वन संरक्षण दल के कर्मचारियों को रखा है, ताकि जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। एक महीने जारी आग से शहर के बीचोबीच सहित दूरदराज के जंगल भी नहीं बच पाए हैं। इनमें गंगेडा पहाड़ी, गरनई, काल्डी, लड़डन और धनौआ के जंगल शामिल हैं। लेकिन अब और नुकसान न हो इसके लिए विभाग के डीएफओ नवनीत कुमार ने 10 टीमों का गठन कर आग नियंत्रण केंद्र स्थापित किए हैं।
यहां स्थापित किए अग्नि नियंत्रण कक्ष
वन विभाग की ओर से अग्नि नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इनमें उधमपुर डिविजन, जखैनी चेक पोस्ट, मांड नर्सरी, मानसर चेक पोस्ट, लड्डन चेक पोस्ट, चिनैनी चेक पोस्ट, गार्ड हट सीरा, कैंथगली चेक पोस्ट, थाथली नर्सरी पंचैरी और सानथली नर्सरी पंचैरी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा जंगली क्षेत्र पंचैरी में
जिले में सबसे ज्यादा जंगल तहसील पंचैरी में पड़ते हैं। इसके चलते विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए दो कंट्रोल रूम स्थापित कर टीमें तैनात कर दी गई हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर कमेटियां बनाई हैं।
विभाग ने वनों को आग से बचाने के लिए 10 टीमों का गठन कर आग नियंत्रण केंद्र स्थापित किए हैं। आग की सूचना मिलते ही टीम तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इससे करोड़ों रुपये की वन संपदा को बचाने में मदद मिलेगी।
- नवनीत कुमार, डीएफओ, उधमपुर