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Udhampur News: स्थायी नियुक्ति समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने शुरू की काम छोड हड़ताल,

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उधमपुर। नगर परिषद कार्यालय में काम छोड हड़ताल कर धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर काम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी है। सुबह शहर की सफाई करने के बाद सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर नगर परिषद कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल की घोषणा की।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बार अनिश्चितकाल के लिए यह अंतिम हड़ताल है। अब यह तब तक खत्म होगी, जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी। सरकार के बार-बार झूठे आश्वासनों से तंग आकर अब उन्होंने एकजुट होकर ठाना है कि जब तक परमानेंट पॉलिसी को लागू नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
वहीं प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी यूनियन उधमपुर के प्रधान डेविड संधू ने कहा कि उनका यह धरना प्रदर्शन सरकार के खिलाफ है। उनकी मांग है कि जैसे कॉरपोरेशन में उनके 600 कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति प्रदान की गई है। ठीक उसी तरह लोकल बॉडी में भी जितने अस्थायी कर्मचारी हैं, उन्हें जल्द से जल्द से स्थायी किया जाए।
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उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो उनकी यह हड़ताल काफी लंबी चलेगी। संधू ने कहा कि 22 नवबंर से प्रदेश में सभी लोकल बॉडीज हड़ताल पर हैं और उधमपुर में भी आज से नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल शुरू हो गई है।
उन्होंने शहरवासियों और स्थानीय नेताओं से भी अपील की कि वे उनका समर्थन कर उनकी वास्तविक मांगों को पूरा करवाने में सहयोग करें क्योंकि बार-बार की काम छोड़ हड़ताल से कर्मचारियों का कोई भला नहीं हो रहा है। साथ ही शहरवासियों को भी समस्या से जूझना पड़ रहा है। उधमपुर नगर परिषद में वर्तमान में 135 के करीब सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से 54 अस्थायी हैं और लंबे समय से स्थायी नियुक्ति की राह देख रहे हैं।
इनसेट-
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
1. सभी दिहाड़ी मजदूरों, कैजुअल लेबर और समेकित सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए, जिन्होंने अपनी सात साल की सेवा पूरी कर ली है।
2. पूरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।
3. सभी नगर निगम/नगर परिषद एवं समिति में सफाई कर्मचारियों के समस्त रिक्त पदों को भरने के लिए योजना तैयार की जाए।
4. स्थायी कर्मचारियों को उनके मासिक वेतन सहित ढाई दिन का वेतन दिया जाए।
कचरे की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों की समस्या हुई दोगुनी
सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल शुरू होने से पहले से ही कचरे की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों की समस्या दुगनी हो गई है। शहरवासियों रोहित कुमार, विनय सर्माल, ज्योति मल्होत्रा और अमित वर्मा का कहना है कि घर-घर से कचरा उठाने की योजना पहले से ही बंद है। शहर छोटे-छोट डंपिंग स्टेशनों का गढ़ बना हुआ है। हर दिन इनसे कचरा उठाए जाने के कारण जैसे-तैसे समस्या से राहत दिलाने का काम चल रहा था। अब हड़ताल शुरू होने के बाद इन डंपिंग स्टेशनों से कूड़ा उठाने का काम भी बंद हो गया है।
हड़ताल शुरू होने के पहले दिन ही दोपहर तक शहर भर में बने डंपिंग स्टेशन कचरे से भरे नजर आ रहे थे। शहर की गलियों और सड़कों पर भी गंदगी का आलम नजर आया है। अगर जल्द ही हड़ताल खत्म नहीं हुई तो पहले से ही कचरे की समस्या से जुझ रही देविकानगरी में लोगों का जीना दुभर हो जाएगा।
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