बंगलुरू से ऊधमपुर पहुँचने पर हाथ हिलाता युवक
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अमर उजाला ब्यूरो उधमपुर। कोरोना संकट के कारण लगाए गए लॉकडाउन में बैंगलुरू में फंसे श्रमिकों, कर्मचारियों व छात्र, छात्राओं को लेकर मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे श्रम एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन सात घंटे की देरी से उधमपुर पहुंची। इसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुल 987 लोग सवार थे। लोगों को एक एक कर नीचे उतारा गया और मोबाइल एप के जरिए एंट्री की गई। इसके बाद बसों में बिठाकर कर अपने जिलों की तरफ रवाना कर दिया। करीब चार दिन से जिला प्रशासन ट्रेन के पहुंचने को लेकर तैयारी कर रहा था। इसके लिए हर जिले के लिए अलग से डेस्क स्थापित किया गया है। एक कोच के बाहर भी दो डाटा एंट्री आपरेटर नियुक्त किए गए थे। कोच के बाहर नियुक्त किए गए कर्मचारी व पुलिस कर्मी को पीपीई किट पहनाई गई थी। सोमवार को ट्रेन के पहुंचने का समय सुबह साढ़े चार बजे था, लेकिन ट्रेन करीब सात घंटे की देरी से सुबह करीब साढ़े 11 बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने से पहले ही प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ तैयार था। ट्रेन के रुकने के कुछ समय के बाद एक एक कर छात्र, छात्राओं, कर्मचारियों व श्रमिकों को ट्रेन से उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। कोच से एक समय में दो लोगों को नीचे उतारा गया और फिर इनकी डाटा एंट्री आपरेटर ने एप के जरिए एंट्री की। इसके बाद इनको पानी की बोतल देकर रेलवे स्टेशन परिसर की तरफ रवाना कर दिया गया। सभी कतार में लग कर और सामाजिक दूरी का ख्याल कर रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंच गए। रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित किए गए डेस्क में इनकी रजिस्ट्रेशन की गई और इनको जिले के हिसाब से बस नंबर एलाट किए गए। इस प्रक्रिया में आराम करने के लिए कुर्सियों की पूरी व्यवस्था की गई थी। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बारी बारी से इनको बसों में बिठाया गया। बसों के अंदर ही इनको खाने के पैकेट दिए गए। एक बस पर केवल 25 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी और सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा गया था। जिस जिले की रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हुई, उसको सुरक्षा के साथ रवाना कर दिया गया। उधमपुर जिले के लोगों को क्वारंटीन सेंटर ले जाकर क्वारंटीन कर दिया गया, जबकि रामबन, कुलगाम, अनंतनाग, कुपवाड़ा, बड़गाम, श्रीनगर जिले के लोगों की बसों को रेलवे स्टेशन से सीधे ही केंद्रीय विद्यालय चिनैनी में ले जाया गया, जहां इनको लाइनों में खड़ा कर कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए गए और फिर सैंपल लेने के बाद सभी को अपने जिलों की तरफ रवाना कर दिया। अपने प्रदेश में वापस लौटने पर छात्र, छात्राओं, कर्मचारी और श्रमिक काफी खुश थे। कुछ तो मीडिया को देख कर हाथ हिला कर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे थे। पूरी प्रक्रिया के दौरान डीसी. डा. पीयूष सिंगला रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहे और प्रक्रिया पर पूरी नजर रखते रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इसके लिए पूरी योजना के साथ काम किया था और इसी का नतीजा है कि आज बिना भीड़ लगाए हुए सैकड़ों लोग लाइनों में लग कर रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं और बसों में सवार होकर अपने जिलों की तरफ रवाना हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोवा से रवाना दूसरी ट्रेन के देर शाम को पहुंचने की संभावना है और इसी तरह से इनमें सवार लोगों को भी प्रक्रिया पूरी कर अपने जिले में भेजा जाएगा।