उधमपुर। नगर परिषद के नए कार्यालय की इमारत में मौजूद एसपीसीए सदस्य शालू खजूरिया
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उधमपुर। पॉलिटेक्निक कॉलेज की जिस इमारत में नगर परिषद को स्थानांतरित किया जा रहा है, वहां पहले से मौजूद सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स (एसपीसीए) के सदस्यों ने हटने से इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि नगर परिषद उन पर इमारत को खाली करने के लिए लगातार दबाव बना रहा है और इसके लिए उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी किया जा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें पहले दूसरी जगह सुरक्षित इमारत उपलब्ध करवाई जाए अन्यथा वे इस इमारत से अपना स्थान नहीं छोडे़ंगे। इस मामले में उन्होंने देश में सीपीसीएसईए की अध्यक्ष मेनका गांधी को भी अवगत करवाया है और उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
स्थानीय समाज सेवक एवं एसपीसीए सदस्य शालू खजूरिया ने बताया कि वर्ष 2021 में उधमपुर में एसपीसीए का गठन किया गया था। इसकी चेयरमैन डीसी उधमपुर हैं। उस समय बड़े जोरशोर से एसपीसीए के गठन और संचालन को शुरू किया गया था और काफी संख्या में स्थानीय युवाओं ने इसकी सदस्यता ली थी। इसके लिए उन्हें लावारिस व क्रूरता का शिकार कुत्तों की देखभाल और नसबंदी के लिए खाली पड़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज की इमारत में स्थान दिया गया था लेकिन अब नगर परिषद जब अपना कार्यालय इस इमारत में स्थानांतरित करने लगी है तो उन्हें बिना कोई दूसरी जगह सुरक्षित इमारत मुहैया करवाए। इस इमारत से जबरदस्ती बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद के सीईओ की तरफ से भी लगातार उन पर दबाव बनाया जा रहा है। पिछले साल उनको बिरमा पुल में स्लॉटर हाउस की खाली पड़ी इमारत में स्थानांतरित किया गया था लेकिन वहां सुविधाओं के अभाव के कारण जितने भी कुत्तों व पिल्लों को रखा गया था, उनमें से अधिकतर मर गए थे।
शालू खजूरिया ने कहा कि बीमार व क्रूरता का शिकार कुत्तों व पिल्लों की देखभाल करते हुए उन्हें इनसे काफी ज्यादा लगाव हो गया है। मौजूदा समय में उनके पास लगभग 20 के करीब कुत्ते हैं, जिनमें से तीन पैरालाइजिज्ड हैं और ठीक से चल भी नहीं सकते और बाकी के सभी छोटे पिल्ले हैं, जिन्हें देखभाल की सख्त जरूरत हैं। इसके अलावा शहरवासी हर रोज इस तरह के बीमार व क्रूरता के शिकार कुत्तों को भी उनके पास आकर छोड़ जाते हैं, जिनकी देखभाल के लिए न तो प्रशासन और न ही नगर परिषद कोई सहायता कर रहा है। वह स्वयं से और शहरवासियों के सहयोग से जैसे-तैसे इसका संचालन कर रही हैं। अब अगर ऐसे में नगर परिषद उनको इस इमारत से जबरदस्ती बाहर निकालने का प्रयास करती है तो वह प्रशासन से अपील करेंगी कि एसपीसीए को रद्द करने की सार्वजनिक घोषणा कर दी जाए। फिलहाल राष्ट्रीय अध्यक्ष मेनका गांधी को उन्होंने फोन पर इस मामले से अवगत करवाया है और उन्होंने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ़ क्रूएलिटी टू एनीमल्स को प्रशासन और नगर परिषद के सहयोग से चलाया जाता है ताकि जानवरों पर होने वाले अत्याचारों पर रोक लगाई जा सके और बीमार व क्रूएलिटी का शिकार बने जानवरों की देखभाल की जा सके लेकिन उधमपुर में न तो प्रशासन और न ही नगर परिषद इसमें कोई सहयोग कर रही है।
गौरतलब है कि नगर परिषद ने अपने पुराने कार्यालय में पार्किंग स्थल बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए फंड भी मुहैया हो गया और योजना पर काम भी जल्द शुरू होने वाला है लेकिन दूसरी जगह पॉलिटेक्निक कॉलेज की जिस बिल्डिंग में नगर परिषद ने अपना कार्यालय स्थानांतरित करने की योजना बनाई है, उसे अमलीजामा पहनाने में एसपीसीए की वजह से बाधा पेश आ रही है और इसके कारण पुराने कार्यालय में पार्किंग बनाने का काम भी शुरू नहीं हो पा रहा है।