सांकरी मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगे लोग।
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उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी तहसील के मीर गांव में सांकरी देव स्थान पर आयोजित मेले में अंतिम दिन आस्था व निष्ठा के साथ भरा रहा। वीरवार को अंतिम दिन मेला देखने के लिए जनसैलाब उमड़ा और काफी संख्या में शहर व ग्रामीण इलाकों के लोगों ने मेले में हिस्सा लिया। बुधवार को वाहन दुर्घटना में मीर के दो युवकों की मौत के बाद मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए।
अंतिम दिन सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का मेला स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था। सबसे पहले श्रद्धालुओं ने सांकरी देवता मंदिर में लंबी कतार में लगकर माथा टेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। काफी संख्या में ग्रामीण अपनी मक्की की पहली फसल साथ लेकर आए थे। ग्रामीणों मक्की की फसल को देवता के चरणों में समर्पित किया। मंदिर में माथा टेकने के बाद लोगों ने परिवार के साथ मेले का आंनद उठाया। मेले में खरीदारी करते हुए ग्रामीण बच्चों व महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। ज्यादातर पुरुषों ने मेले में खाने पीने की वस्तुओं का आनंद उठाया। अंतिम दिन एक बार फिर से मेला में विभिन्न सरकारी विभाग की तरफ से सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टाल नजर आए। सभी स्टालों पर भी ग्रामीणों की काफी भीड़ देखी गई। सेरीकल्चर, कृषि, एनिमल हज्बेंडरी व अन्य कई सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। मेले का अंतिम दिन होने के कारण इतनी ज्यादा भीड़ थी कि रात तक मेला चलता रहा और लोग मेले का आनंद उठाते रहे।