- अखंड परम धाम आश्रम ओमाला-जखैनी में शिव महापुराण कथा तीसरे दिन भी रही जारी
उधमपुर। ओमाला-जखैनी में स्थित अखंड परम धाम आश्रम में आयोजित शिव महापुराण कथा रविवार को तीसरे दिन जारी रही। इसमें काफी संख्या में स्थानीय और आसपास इलाकों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथावाचक संत सुभाष शास्त्री ने प्रवचन में समझाया कि हम पूरे जीवन में द्वैत की स्थिति देखते हैं। हर पक्ष के दो पहलू देखते हैं जैसे अच्छा-बुरा, मीठा-कड़वा, ठंडा-गर्म या उजाला-अंधेरा।
यह हमारे ऊपर निर्भर है कि हम इन दो में से किसे पसंद करते हैं, किसका चुनाव करते हैं, किसे ग्रहण करते हैं। हम जिस पहलू से संबंध रखेंगे, जीवन उसी से प्रभावित और निर्देशित हो जाएगा। इसलिए सुखी रहने के लिए अच्छे पहलुओं से ही संपर्क और संबंध रखना होगा। अच्छे पहलू का आरंभ मन से विषयों की इच्छाओं को निकालने से होगा। वास्तविकता यह है कि हम लोगों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो इंद्रियों का विषय रहता है और भोग सब प्रकार के दुखों को उत्पन्न करने वाले, और न समाप्त होने वाले हैं। बुद्धिमान मनुष्य इन भोगों में कभी प्रीति नहीं करता। आप याद रखें कि विषय सदा रहते नहीं, इनमें दुख भरा है।
आप स्वयं देखते हैं कि जो आपके पास बाल्यावस्था या यौवन अवस्था में नहीं रहा और जो आज है, वह वृद्ध अवस्था आते-आते छूट जाएगा तो फिर इन सबसे इतना प्रेम क्यों? इसका उपाय मन में भागवत प्रेम है। इसके लिए संसार के मिथ्या, मोह व ममता को त्यागना होगा।