संवाद न्यूज एजेंसी
पौनी। रनसु से शिवखोड़ी जाने वाले पैदल मार्ग पर काम करने वाले घोड़ा चालक इस समय काफी परेशान हैं।
यूनियन के अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि करीब दस साल पहले श्राइन बोर्ड ने घोड़ा चालकों का रेट पांच सौ रुपए प्रति फेरा रखा था। आज भी अभी तक वही रेट चल रहा है। इसमें से भी एक सौ रुपए श्राइन बोर्ड टैक्स के रूप में लेता है। यात्री माने तो कभी पूरे दिन का एक या दो चक्कर भी लग जाते हैं और अगर यात्री नहीं माने तो कभी एक चक्कर भी नहीं लग पाता है।
ट्रैक पर करीब सात-आठ सौ घोड़ा चालक हैं जो घोड़ा चला कर आजीविका कमाते हैं। दिन में अगर एक चक्कर लगता है तो टैक्स देकर चार सौ रुपए मिलते हैं, उसमें से वह घोड़े का खर्चा करेंगे या अपने परिवार का पालन पोषण करेंगे। इसका कुछ पता नहीं है। आज के महंगाई वाले जमाने में उन्हें अपना परिवार चलाना काफी मुश्किल हो रहा है।
हम चाहते है कि श्राइन बोर्ड जल्द उनके रेट बढ़ाए नहीं तो आने वाले दिनों में बड़ा प्रदर्शन करने पर घोड़ा चालक मजबूर हो जाएंगे। इस अवसर पर गणेश सिंह, राज सिंह, मीन इकपाल, पुरुषोत्तम सिंह, जावा सिंह व अन्य घोड़ा चालक भी मौजूद रहे।