प्रदर्शन के दौरान धार रोड पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम।
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उधमपुर में नाले में पड़े मिले राकेश खजूरिया के शव का सोमवार को समय पर पोस्टमार्टम नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट उसके परिजनों ने व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ धार रोड बंद कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मौत के मामले की सख्ती से जांच करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया।
छह दिन से लापता राकेश खजूरिया का शव रविवार शाम को दूधाधारी मंदिर के नजदीक नाले से बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह पहुंचाया था और सोमवार सुबह 10 बजे पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को परिवार के हवाले करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, सोमवार सुबह 11 बजे तक कोई डॉक्टर न पहुंचने पर लोगों ने धार रोड बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में व्यापार मंडल के प्रधान जितेंद्र वरमानी सहित कई पदाधिकारी व सदस्य शामिल हो गए।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने कहा कि सुबह आठ बजे से शवगृह के बाहर खड़े हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया था कि 10 बजे तक शव को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया जाएगा। लेकिन, 11 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा है। परिजनों ने बताया कि जिस दिन राकेश खजूरिया गायब हुआ था, उसको एक सफेद रंग की कार में बैठते देखा गया था। यह बात पुलिस को सीसीटीवी से पता चली है। कार में बैठने के बाद किसी का राकेश के साथ संपर्क नहीं हो सका। यह सारा मामला संदिग्ध है।
उन्होंने कहा कि उसके लापता होने के छह दिन बाद भी पुलिस कार का कुछ पता नहीं कर सकी। इसलिए, उनकी मांग है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और डीसी मौके पर पहुंचकर सख्त जांच करवाने का आश्वासन दें। उसके बाद ही सभी प्रदर्शनकारी मार्ग से हटेंगे। प्रदर्शन व मार्ग बंद होने की जानकारी मिलने पर एएसपी अनवर उल हक व डीएसपी साहिल महाजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जल्द जांच पूरी कर मौत के सही कारणों का पता लगाने का आश्वासन देकर शांत कराया। करीब डेढ़ घंटे बाद प्रदर्शनकारी मार्ग से हटे और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
दोपहर तक धार रोड पर यातायात रहा प्रभावित
करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग के बंद रहने के कारण धार रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। धार रोड के दोनों तरफ कई किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई थी। यात्री वाहनों के पहिये भी थम गए और मजबूर होकर यात्री पैदल ही अपने गंतव्य की तरफ चल पड़े। इसी कारण जिला अस्पताल में भी मरीज समय पर नहीं पहुंचे। जब प्रदर्शनकारी धार रोड से हटे तो शहर में जाम की स्थिति बन गई और दोपहर तक जाम लगा रहा। पुलिस को भी यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।