उधमपुर। घाटी में हो रहीं लक्षित हत्याओं के विरोध में रविवार को आंबेडकर वेलफेयर ट्रस्ट ने नगर के एमएच चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर लोगों को सुरक्षा न दे पाने का आरोप लगाया। साथ ही घाटी में शांति बहाल करने की मांग की।
सदस्य गोविंद राम चलोत्रा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन से पहले ट्रस्ट के सदस्यों ने टारगेट किलिंग का शिकार बनीं दलित समुदाय से संबंधित शिक्षिका रजनी बाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सभी ने प्रदर्शन कर घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए नई स्थानांतरण नीति लाने की मांग की, जिसमें हालात सामान्य होने तक कश्मीर में तैनात कर्मचारियों को जम्मू संभाग में रखा जा सके।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे गोविंद ने कहा कि कश्मीर में अल्पसंख्यकों, विशेषतौर पर सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाया जाना निंदनीय है। इसके लिए केंद्र सरकार भी पूरी तरह जिम्मेदार है, क्योंकि वह उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम साबित हुई है। इसके चलते आतंकी अल्पसंख्यक समुदाय के सरकारी कर्मचारियों को चुन चुन कर निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने के दौरान सरकार ने कहा था कि इससे जम्मू कश्मीर के हालात बेहतर होंगे, और आतंक का खात्मा होगा। लेकिन, जमीनी स्तर पर इसके विपरीत परिणाम देखने मिल रहे हैं, जिसमें अब तक कई बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मौजूदा समय में घाटी के हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि जिस तरह नेताओं को सुरक्षा दी जा रही है, उसी तरह घाटी के सरकारी मुलाजिमों को भी सुरक्षा दी जाए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील है कि एक ऐसी स्थानांतरण नीति लाई जाए, जिससे घाटी के मुलाजिम को जम्मू में तब तक के लिए स्थानांतरित किया जाए, जब तक कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हो जाते। प्रदर्शन में डॉ. चंद्र मोहन, अधिवक्ता आकाश, सुरम चंद, मनमोहन थापा, आदि शामिल रहे।