उधमपुर। शहर में लगातार बढ़ रही बिजली कटौती के विरोध में रविवार दोपहर को शहरवासियों ने मेन बाजार इलाके में बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बिजली विभाग की तरफ से कटौती को कम करने के बजाय बढ़ाया जा रहा है। पहले जहां चार घंटे कटौती की जा रही थी तो अब फिर से कटौती को आठ घंटे कर दिया गया है। अगर इस कटौती को बंद नहीं किया तो मजबूरन सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन तेज करेंगे।
दोपहर करीब 12 बजे अमन शर्मा के नेतृत्व में शहरवासियों ने बिजली विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान शहरवासियों ने कहा कि एक बार फिर से बिजली विभाग ने कटौती को बढ़ा दिया है। शनिवार रात दस बजे से रविवार सुबह दस बजे तक बिजली विभाग ने शहर के अंदर सात घंटे कटौती की। रात करीब दो बिजली को बंद किया गया और रविवार सुबह करीब सात बजे बिजली सेवा बहाल हुई। सुबह आठ बजे फिर से बिजली को बंद कर दिया गया और सुबह दस बजे बहाल की गई। पूरी रात शहरवासियों ने बिना बिजली के गुजारी। जिनके पास इनवर्टर थे, वह लोग तो ज्यादा परेशान नहीं हुए, लेकिन जिनके घरों में इनवर्टर नहीं हैं, उनको पूरी रात जाग कर गुजारनी पड़ी। बिजली कटौती के कारण महिलाएं व बच्चे बीमार हो रहे हैं। बिजली बंद होने पर मच्छरों ने जीना दूभर कर दिया है। इस कटौती के कारण उधमपुर का व्यापार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। अब व्यापारियों को कटौती के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई काम ऐसे हैं जोकि केवल बिजली पर ही निर्भर है, लेकिन दिन में तीन से चार घंटे की कटौती से तो काम बुरी तरह से प्रभावित होने लगा है। आज सभी प्रदर्शन कर सरकार और बिजली विभाग को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द कटौती को बंद नहीं किया तो मजबूरन सड़कों पर उतर कर बिजली विभाग के कार्यालय पर ताला जड़ कर प्रदर्शन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी अब चुप्पी साध ली है और यह केवल मेला, दंगल व अन्य कार्यक्रमों में मेहमान बनने का ही काम कर रहे हैं, जबकि बिजली कटौती से बढ़ रही परेशानी को लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।