बारिदार समिती के पूर्व प्रधान पत्रकारों से बात करते
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कटड़ा। बारीदार संघर्ष समिति के पूर्व प्रधान शेर सिंह ने यात्रा पंजीकरण को ऑनलाइन करने के निर्णय को जल्दबाजी में लिया फैसला करार दिया है। साथ ही उपराज्यपाल से आग्रह किया है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। फैसला न बदलने पर उन्होंने कड़े विरोध की चेतावनी भी दी है। उनका कहना था कि दर्शनों के लिए आने वाले तीन चौथाई यात्री इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते और अनपढ़ होते हैं। ऐसे यात्रियों को निजी साइबर कैफे पर निर्भर होना पड़ेगा, जिससे यात्रा पंजीकरण की भी कालाबाजारी होगी। इससे गलत परंपरा का भी जन्म होगा। मात्र ऑनलाइन पंजीकरण को मान्यता देने के बजाय सीमित भक्तों को भवन की ओर रवाना करने पर निर्णय लिया होता तो अधिक उचित होता। बोर्ड को अपनी व्यवसायीकरण की नीति को बदलना होगा।