- शेर-ए कश्मीर पुलिस अकादमी में पांच दिवसीय पाठ्यक्रम का आगाज
- अन्य राज्यों समेत जम्मू-कश्मीर पुलिस के 26 अधिकारी ले रहे प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शेर-ए कश्मीर पुलिस अकादमी में साइबर अपराध पर पांच दिवसीय पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें पुलिस अफसरों को साइबर अपराध की जांच के गुर सिखाए जा रहे हैं। गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध की रोकथाम, जांच के लिए प्रभावी ढांचा व पारिस्थितिकी तंत्र बनाने को राष्ट्रीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र 4सी की स्थापना की है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अन्य राज्यों समेत जम्मू-कश्मीर पुलिस से एसआई व डिप्टी एसएसपी रैंक के 26 अधिकारी भाग ले रहे हैं। कोर्स के दौरान प्रतिभागी साइबर अपराध के तार काटने के लिए कानूनी उपायों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। साथ ही ऐसे मामलों की जांच के लिए साइबर फोरेंसिक और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में विशेषज्ञता हासिल करेंगे। पाठ्यक्रम का उद्देश्य साइबर अपराध और धोखाधड़ी मामलों की जांच में अफसरों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना है।
मंगलवार को उद्घाटन समारोह में अकादमी निदेशक एडीजीपी गरीब दास मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं साइबर ठगी, ऑनलाइन नौकरी में धोखाधड़ी, फिशिंग, वायरस और ट्रोजन, क्रिप्टो-जैकिंग आदि के बारे में बताया। कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईआईटी जम्मू, जीसीईटी जम्मू के विशेषज्ञ, साइबर पुलिस थाना जम्मू के पेशेवर, साइबर सलाहकार नईम अब्बास हमदानी और एसकेपीए के संकाय सदस्य व्याख्यान देंगे। उद्घाटन सत्र में अकादमी के उपनिदेशक (इंडोर) एसएसपी राजिंदर कुमार गुप्ता, उप निदेशक (प्रशासन) एसएसपी शेख जुल्फकार आजाद और एसकेपीए के संकाय ने भी भाग लिया।