उधमपुर। ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों को छोड़कर 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा के बच्चे शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर सीईओ ने आदेश जारी किए हैं कि बिना उचित कारण के विद्यार्थियों को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न दिया जाए।
कुछ दिनों से उधमपुर शहर के हायर सेकेंडरी व हाई स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए भीड़ लगी हुई है। दूरदराज ग्रामीण इलाकों से विद्यार्थी अपने स्कूलों के प्रिंसिपल व हेडमास्टर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर उधमपुर शहर के साथ रामनगर, चिनैनी, जगानू, गढ़ी, रैंबल कस्बे के हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे हालात ये बन गए हैं कि ग्रामीण इलाकों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने लगी है।
एक तरफ शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। वहीं, दूसरी तरफ बच्चे ग्रामीण इलाकों के स्कूलों को छोड़कर शहर के स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। उधमपुर शहर के स्कूलों के लिए तो अब नए बच्चों को प्रवेश देना मुश्किल हो गया है। क्योंकि, इन स्कूलों में जरूरत से अधिक विद्यार्थी हो गए हैं। वहीं, कुछ बच्चे सरकारी स्कूलों को छोड़कर निजी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।
इसके बारे में जब शिक्षा विभाग के सीईओ अरविन कुमार कौल को जानकारी मिली तो उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों के हेडमास्टर व प्रिंसिपल को आदेश दिया है कि बिना किसी उचित कारण के विद्यार्थी को स्कूल छोड़ने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र न दे। अगर किसी के पास स्कूल छोड़ने का उचित कारण होगा तो ही उसको प्रमाणपत्र दिया जाए। साथ ही विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया जाए कि उनको स्कूल में सुविधाओं के साथ शिक्षा मिलेगी। अगर कोई परेशानी है तो उसका समाधान जल्द किया जाएगा।