उधमपुर: देविका पर साख को विसर्जित करते हुए लोग.
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उधमपुर। शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर श्रद्धालुओं ने साख विसर्जन करने के साथ विशेष तौर पर उधमपुर की शांति के लिए प्रार्थना की। महिलाओं का कहना था कि पिछले दिनों दो बसों में धमाके कर शांत माहौल को अशांत करने का प्रयास किया है। वह माता रानी के चरणों में प्रार्थना करती हैं कि दोबारा ऐसा न हो। वहीं, घरों में कन्या पूजन व मंदिरों में भंडारे हुए।
देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। श्रद्धालुओं ने पहले विधिवत साख विसर्जित किया। फिर मंदिरों में माथा टेक परिवार की सुख समृद्धि की प्रार्थना की। टी-मोड़ स्थित काली माता मंदिर में प्रार्थना करने सुबह छह बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। श्रद्धालुओं ने घरों में विशेष तौर पर कन्या पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गंगेड़ा पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शारदा माता के मंदिर में भी सैकड़ों श्रद्धालु परिवार सहित माथा टेकने पहुंचे।
देविका में साख विसर्जन करने पहुंचीं लक्ष्मी देवी, सोनिया, आरती व अन्य महिलाओं ने कहा कि साख विसर्जन करने के बाद माता के चरणों में उधमपुर की सुख शांति के लिए विशेष तौर पर प्रार्थना की। पिछले दिनों उधमपुर के दो अलग-अलग स्थानों पर धमाका कर शांत उधमपुर को अशांत करने का प्रयास किया गया। सोमवार को मानसर मोड़ इलाके में बस दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। उधमपुर में कुछ दिनों से बुरी घटनाएं घट रही हैं। इसलिए, सभी ने माता के चरणों में विशेष तौर पर प्रार्थना की है।
उधमपुर: बगलामुखी माता मंदिर में भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हुए श्रद्धालु.- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर: देविका तट पर साख को विसर्जित करने जाती महिलाएं.- फोटो : UDHAMPUR