उधमपुर में शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर जारी तीन दिवसीय वर्टिकल इंटरेक्शन कोर्स शनिवार को संपन्न हुआ। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के 31 राजपत्रित अधिकारियों ने भाग लिया। समापन समारोह में अकादमी के उप निदेशक (प्रशिक्षण) एसएसपी मोहन लाल मुख्य अतिथि थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में गुवाहाटी में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों के सम्मेलन में ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पर पाठ्यक्रम की कल्पना की थी और तब से हर साल के डीजीएसपी/आईजीएसपी सम्मेलन में इस विषय की समीक्षा की जा रही है। तदनुसार, पाठ्यक्रम तैयार किया गया है और प्रतिभागियों को आंतरिक सुरक्षा-खतरे और प्रबंधन, सीमा मुद्दों, सामुदायिक पुलिसिंग, नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के खतरे, बाल-महिला-बुजुर्गों की सुरक्षा, सॉफ्ट स्किल्स, साइबर जागरूकता और सुरक्षा के ज्ञान, अपराध जांच और अभियोजन, अपराध निवारण में प्रौद्योगिकी का उपयोग, ई-एफआईआर और एसएमएस आधारित जानकारी से लैस किया गया है।
कोर्स में मुख्य वक्ता के तौर पर गुलजार सिंह सलाथिया (पूर्व आईजीपी), भीम सेन तूती (आईजीपी मुख्यालय पीएचक्यू जम्मू-कश्मीर), डॉ. कविता सूरी (जम्मू के आजीवन शिक्षण विश्वविद्यालय की निदेशक विभाग), डॉ करण नाथवानी (सहायक प्रोफेसर आईआईटी जम्मू), नईम अबास हमदानी (साइबर सलाहकार), विनय कुमार (एसएसपी, एएनटीएफ, जम्मू), अरुण गुप्ता (एसएसपी सीआईडी, एसबी जम्मू), कामेश्वर पुरी (एसपी पीएचक्यू), और कमल शर्मा (सीपीओ, सीआईडी जम्मू-कश्मीर) ने व्याख्यान दिया और अपने बहुमूल्य अनुभव साझा किए।
मुख्यातिथि ने प्रतिभागियों को समाज को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कराने के लिए साथी पुलिस कर्मियों के साथ प्राप्त ज्ञान को साझा करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन डीडी (आउटडोर) एसपी पवन कुमार शर्मा और एडी (क्यू) डीएसपी सनमती गुप्ता ने किया।