उधमपुर। अमर संतोष संग्रहालय के संग्रह से प्राप्त दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियां कल्हण राजतरंगनी वर्तमान में प्रतिष्ठित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रदर्शित की जा रही हैं, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया। ये पांडुलिपियां जम्मू स्थित अपने क्षेत्रीय क्लस्टर केंद्र, शाश्वत आर्ट गैलरी, संग्रहालय और पांडुलिपि पुस्तकालय, जम्मू के माध्यम से ज्ञान भारतम के अंतर्गत प्रदर्शित की जा रही हैं। यह प्रदर्शनी 20 फरवरी तक चलेगी। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत और विदेश के प्रख्यात विद्वानों, नीति निर्माताओं, प्रौद्योगिकीविदों और विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शिखर सम्मेलन ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और पांडुलिपि विरासत के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एकीकरण पर प्रकाश डाला। जम्मू की दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा व्याख्या ने व्यापक जनभागीदारी, अकादमिक अनुसंधान और वैश्विक पहुंच के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। उधमपुर स्थित अमर संतोष संग्रहालय के निदेशक अनिल पाबा ने जम्मू की समृद्ध पांडुलिपि विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने हेतु निदेशक आईएएस इंदरजीत सिंह, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारतम परियोजना निदेशक प्रो. (डॉ.) अनिर्बन देश और ज्ञान भारतम जम्मू के क्षेत्रीय क्लस्टर केंद्र के समन्वयक डॉ. सुरेश अबरोल के प्रति आभार व्यक्त किया। अमर संतोष संग्रहालय की इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भागीदारी कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति के माध्यम से जम्मू के सांस्कृतिक खजानों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कराने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।