रामबन। परनोत इलाके में छठे दिन भी धीमी गति से भू-धंसाव का सिलसिला जारी रहा। पांबदियों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और चिकित्सा टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने इलाके का दौरा कर प्रभावितों से बात की। प्रभावितों ने सुरक्षित स्थानों पर जमीन उपलब्ध करवाने व पुनर्वास की मांग रखी है।
मंगलवार को अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए आवास और राशन की तत्काल अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा आवश्यक सेवाओं और सड़क संपर्क की बहाली जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे पहले मंडलायुक्त जम्मू के निर्देश पर रविवार को भूवैज्ञानिकों की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर सेंपल लिए थे, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
डालास अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबन रणबीर सिंह जसरोटिया, सचिव डालसा अंजना राजपूत (उप-न्यायाधीश बटोत), मुंसिफ रामबन सिद्धांत वैद, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज सिंह परिहार आदि ने इलाके का दौरा करने के दौरान प्रभावितों को सरकार से हरसंभवव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
मालूम हो कि पिछले वीरवार से रामबन-गूल रोड पर जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर ककराला मोड़ के परनोत इलाके में भूमि के धंसने से काफी संख्या में घरों, कृषि योग्य जमीन को नुकसान पहुंचा था। वहीं, 500 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। करीब पांच दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई अन्य पर खतरा मंडरा रहा है।