केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को किश्तवाड़ का दौरा कर डीसी कार्यालय में दिशा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने बताया कि मचैल में एक अलग मेगावाट सोलर पावर परियोजना के तहत इलाके को जल्द बिजली दी जाएगी, क्योंकि पर्यटन के लिहाज से मचैल और सरथल माता काफी अहम हैं।
बैठक से पूर्व उन्होंने शासन प्रायोजित योजनाओं के तहत दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, स्टिक्स, मुमकिन योजना के लाभार्थियों को वाहन की चाबियां दीं। मजदूरों को वित्तीय सहायता के लिए श्रम विभाग द्वारा जारी चेक कमिश्नर को सौंपा। मंत्री ने किश्तवाड़ और जम्मू-कश्मीर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ कैंसर अस्पताल, कठुआ में टाटा मेमोरियल अस्पताल, किश्तवाड़ में हवाई अड्डा, सिंगपोरा-वायलू सुरंग, मढ़वा तक सुरंग का काम जल्दी होगा। उन्होंने कहा कि जिले में कई जलविद्युत परियोजनाओं के रुके कामों को भाजपा के दौर में ही शुरू किया गया। 8000 मेगावाट उत्पादन के साथ बिजली क्षेत्र में जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिजली परियोजनाओं पर काम जारी है।
हवाई पट्टी की स्थिति के बारे में पूछताछ करने पर बताया कि परियोजना की विभिन्न औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। तकनीकी टीम के दौरे पर परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। मंत्री ने तकनीकी टीम का दौरा करने के लिए संबंधितों से सहयोग करने को कहा, ताकि राष्ट्रीय महत्व की उक्त परियोजना पर काम जल्द शुरू हो सके। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 8 वर्षों में सरकार ने कई रुके कार्यों को शुरू करवाया। रटले, कीरु, क्वाड़ आदि परियोजनाओं पर काम शुरू किया।
जिले की क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा करते हुए डॉ. सिंह ने प्रशासन को जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने धार्मिक पर्यटन, ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, साहसिक पर्यटन और जिले में शिविर स्थलों के उन्नयन के साथ पर्यटन के संभावित क्षेत्रों पर ध्यान देने पर जोर दिया। मचैल के लिए अलग से एक मेगावाट का सोलर पावर परियोजना तैयार होगी, जिससे उस इलाके में बिजली लोगों को मिले। पर्यटन सर्किट के लिहाज से माता मचैल व सरथल माता अहम हैं। डॉ. सिंह ने जाकेडा के सहयोग से उक्त परियोजना के लिए 40 कनाल भूमि की पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
किश्तवाड़ में भी मेडिकल कॉलेज बनेगा
मंत्री ने कहा कि किश्तवाड़ के अलावा भी कई जगहों पर पिछली सरकार ने उपजिला अस्पतालों को जिला अस्पताल बनाया गया था, लेकिन सच यह है कि अभी भी वह पूरी तरह जिला अस्पताल नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि वहां स्टाफ की काफी कमी है। कुछ ही मशीनें लगाई गई हैं। इस पर भी बात चल रही है। फिलहाल कठुआ में कैंसर अस्पताल खोला जा रहा है। पाडर में डिग्री कॉलेज नहीं था, हमारी सरकार ने खोला। केंद्रीय विद्यालय नहीं थे, वे खोले गए। डोडा में मेडिकल कॉलेज बनाया। किश्तवाड़ में भी बनेगा, लेकिन अभी समय लगेगा।
जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
जल जीवन मिशन कार्यों की धीमी गति को ध्यान में रखते हुए डॉ. सिंह ने संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने और ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया, ताकि हर घर नल से जल के उद्देश्य को साकार किया जा सके। मंत्री ने आईआईआईएम जम्मू के सहयोग से जिले में अरोमा मिशन के तहत लैवेंडर की खेती की संभावनाओं का पता लगाने और जिले में केसर पार्क के विकास पर भी ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया, जो किसान की आय को दोगुना करने में सहायक हो सकता है। बैठक में डीडीसी अध्यक्ष पूजा ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्ष सज्जाद अहमद नज्जार, उपायुक्त डॉ. देवांश यादव आदि मौजूद रहे। लगभग दो घंटे की बैठक के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया। पार्टी सदस्यों के साथ बैठक के बाद वह वहां से लौटे।