किश्तवाड़। दिल्ली में हुए धमाके के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी कड़ी कर दी है। इसी बीच ज़िला किश्तवाड़ में भी लोगों के मन में चिंता और असमंजस का माहौल देखा जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में दुकानों और चौपालों पर लोग इस घटना पर चर्चा करते नज़र आए। लोगों ने कहा, जंग नहीं लगनी चाहिए, अमन शांति कायम रहनी चाहिए। इसमें ही सभी की भलाई है।
किश्तवाड़ के स्थानीय निवासी अरशद हुसैन, संजीव परिहार, अरुण परिहार, अरविंद कुमार, शाकिर अहमद, विजय परिहार, मनीश्वर शर्मा, कैलाश, और पृथ्वी रैना सहित कई लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं आम जनता के मन में डर और बेचैनी पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि सीमा के दोनों ओर हालात सामान्य रहने चाहिएं, क्योंकि हर तरह का तनाव आम आदमी के लिए नुकसानदेह साबित होता है।
पूर्व सनातन धर्म सभा के प्रधान हंसराज भूतियाल ने भी शांति की अपील करते हुए कहा, “जंग तबाही लाती है, इसलिए जंग नहीं होनी चाहिए। हमें अमन और सौहार्द बनाए रखना चाहिए ताकि जीवन सामान्य रूप से चलता रहे।”
वहीं, पलमाड़ सनातन धर्म सभा के पूर्व प्रधान पृथ्वी रैना ने कहा कि सीमा पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, रोज़ाना आतंकी हमलों की खबरें आती हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि “आर-पार की नीति” अपनाकर आतंकवाद को हमेशा के लिए खत्म किया जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
पूर्व बीडीसी चेयरमैन ठाकराई कैलाश जी और मनीश्वर शर्मा ने भी कहा कि किश्तवाड़ का माहौल हमेशा भाईचारे और आपसी सौहार्द का रहा है। उन्होंने अपील की कि लोग किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ बातों से दूर रहें। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जनजागरूकता और भरोसे का माहौल भी मजबूत किया जाए ताकि किसी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति पैदा न हो।