मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालु साख उठाकर दर्शन को जाते हु।
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कटड़ा। चैत्र नवरात्र पर धर्मनगरी में आस्था की अनूठी परंपरा देखने को मिलती है। मध्य प्रदेश के जिला सागर से श्रद्धालु बाण गंगा में साख विसर्जित करते हैं। पूरे नवरात्र तक साख की सेवा की जाती है। रामनवमी के दिन श्रद्धालुओं का जत्था घरों से निकलता है। श्रद्धालु लंबी यात्रा कर कटड़ा पहुंचते हैं और मां वैष्णो देवी के जयकारे लगाते हुए पवित्र बाण गंगा पहुंचते हैं। यहां विधि-विधान के साथ साख काे जल प्रवाहित करते हैं। मान्यता है कि इस परंपरा को निभाने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालु कल्याण, साजन, राजन, चंदु और विनय सहित उनके परिवार ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि नवरात्र में साख बोने के बाद बाण गंगा में जल प्रवाहित करना उनके परिवार की आस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। हर वर्ष वे पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा को पूरा करते हैं।