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Udhampur News: जम्मू क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और पर्यटन का पुनरुद्धार करे सरकार

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उपमुख्यमंत्री से मुलाकात करते चैंबर के अध्यक्ष। - फोटो : katra news
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कटड़ा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) जम्मू क्षेत्र चैप्टर के चेयरमैन तथा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन कटड़ा के अध्यक्ष राकेश वजीर ने सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुरिंदर चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, विशेषकर जम्मू क्षेत्र में व्यापार, उद्योग और पर्यटन के पुनरुद्धार एवं सुदृढ़ीकरण को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
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बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योग और पर्यटन को विकास एवं रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम मानती है। इन्हें मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। वजीर ने बताया कि पीएचडीसीसीआई जम्मू और एचआरए कटड़ा द्वारा संयुक्त रूप से उद्योग, सेवा क्षेत्र एवं पर्यटन से जुड़े उद्यमों के लिए एक व्यापक पुनर्वास एवं संरक्षण पैकेज का प्रस्ताव तैयार किया गया है। ज्ञापन में केंद्र शासित प्रदेश में उद्यम स्थापित करने और उनके संचालन के दौरान आ रही विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन में 30 सितंबर 2024 को समाप्त हुई नई केंद्रीय क्षेत्र योजना एनसीएसएस को आगे बढ़ाने की मांग की गई।
वजीर ने कहा कि इस योजना ने निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। इसलिए इसे स्थानीय उद्यमियों पर विशेष फोकस के साथ विस्तार दिया जाना चाहिए। उन्होंने होटलों के नवीनीकरण व आधुनिकीकरण, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों के उन्नयन तथा औद्योगिक पैकेज-2017 में शामिल सब्सटैंशियल एक्सपेंशन प्रावधान को पुन लागू करने का सुझाव भी दिया।
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ज्ञापन में पर्यटन अवसंरचना को सशक्त करने वाले निवेशों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया, जिनमें बड़े होटल, विश्वविद्यालय, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, होटल प्रबंधन संस्थान तथा थीम आधारित रेस्टोरेंट शामिल हैं, ताकि स्वास्थ्य, शिक्षा, साहसिक और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
राकेश वज़ीर ने मौजूदा उद्योगों और होटलों को प्रोत्साहन देने की भी मांग उठाई। उन्होंने होटलों को विनिर्माण उद्योग की तर्ज पर जीएसटी प्रतिपूर्ति, मार्च 2019 में बंद की गई औद्योगिक विद्युत दर रियायतों की बहाली तथा एमएसएमई सेवा श्रेणी के अंतर्गत पर्यटन क्षेत्र को सभी औद्योगिक लाभ स्पष्ट अधिसूचना के माध्यम से देने की मांग रखी।
तीर्थाटन आधारित पर्यटन पर प्रकाश डालते हुए वज़ीर ने कहा कि हर वर्ष लगभग एक करोड़ श्रद्धालु श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आते हैं। इन श्रद्धालुओं को क्षेत्र के अन्य पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों की ओर आकर्षित कर उनके ठहराव की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने शिवखोड़ी, पटनीटॉप और भद्रवाह जैसे स्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए अन्य संभावित स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर शामिल करने का सुझाव दिया।
इसके अलावा कटड़ा में लाइट एंड साउंड शो, मानसर झील के सौंदर्यीकरण, एक विरासत संग्रहालय की स्थापना, कटड़ा नगर के सुनियोजित सौंदर्यीकरण तथा गैर-प्रदूषणकारी, तीर्थाटन से जुड़े उद्योगों के लिए कटड़ा के आसपास चिन्हित औद्योगिक पार्कों के शीघ्र विकास का प्रस्ताव भी रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने दोहराया कि सरकार उद्योग और पर्यटन को जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास का आधार मानते हुए इनके सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
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