उधमपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आवेदक भूषण सेठी के पक्ष में एक 12 बोर राइफल लौटाने का आवेदन स्वीकार किया। कुछ शर्तों के साथ सुपुर्दनामे पर बंदूक आवेदक को सौंपने का आदेश दिया।
आवेदन में सेठी के पक्ष में बंदूक (12 बोर) लौटाने की मांग की गई है। आवेदक का दावा था कि बंदूक चोरी हो गई थी जिसके तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी और जांच के बाद बंदूक बरामद कर ली गई। आवेदक के पास बंदूक का वैध लाइसेंस मौजूद है। आवेदक ने 13 नवंबर 2024 को बंदूक और अन्य वस्तुओं की चोरी की सूचना दी। इसमें कहा गया कि उसके घर में 11 नवंबर को चोरी हुई थी। इसके चलते एफआईआर दर्ज की गई थी। बंदूक बट्टल बल्लियां से बरामद की गई और वर्तमान में उधमपुर पुलिस स्टेशन के मालखाने में जमा है। शिकायतकर्ता की पहचान के आधार पर बंदूक जब्त कर ली गई और जांच जारी है। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि आवेदक ने स्वामित्व का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया है।
बंदूक को छोड़ने से मुकदमे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि यह गवाहों द्वारा पहचान के लिए महत्वपूर्ण है। अगर बंदूक छोड़ी जाती है तो उसके साथ छेड़छाड़ या बिक्री होने का खतरा है। न्यायालय ने आवेदक के वकील के तर्कों, लोक अभियोजक की आपत्तियों, पुलिस रिपोर्ट और आवेदक के मूल बंदूक लाइसेंस पर विचार किया। न्यायालय ने बंदूक लाइसेंस की वैधता की पुष्टि की, जो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उधमपुर द्वारा जारी किया गया था और 13 अक्तूबर 2029 तक वैध है। इसके आधार पर न्यायालय ने बंदूक की रिहाई के लिए आवेदन को स्वीकार किया और उधमपुर के पुलिस थाना प्रभारी को आवेदक को सुपुर्दनामा पर बंदूक जारी करने का आदेश दिया गया।