डोडा। सरकारी डिग्री कॉलेज डोडा के विद्यार्थियों ने शनिवार को छात्रु की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने नाबालिग के साथ कथित यौन शोषण और उसके बाद गर्भवती होने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले में पुलिस ने एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है। इस अवसर पर बोलते हुए छात्रा सलिका बतूल ने कहा कि हमारे मज़हब में अध्यापक को रूहानी पिता कहा जाता है परन्तु ऐसी घटनाओं को देखते हुए हमारे परिजन अब हमें स्कूल और कॉलेज भेजने में भी डरते हैं। ऐसे अध्यापक को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। सरकार का नारा है बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ परन्तु आज न बेटी पढ़ पा रही है और न ही बच पा रही है।
शाहिदा शरीफ ने कहा कि आज छोटी उम्र से लेकर 17 साल तक की उम्र की बेटियों के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं। इसका कारण है कानून का सख्त न होना। दुष्कर्मी को आसानी से ज़मानत मिल जाती है। जब तक सख्त कानून नहीं बनेगा। ऐसा चलता रहेगा। विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए आरोपी शिक्षक को कड़ी सजा देने तथा मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता पाए जाने पर उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।