डोडा। डोडा ज़िले का देसा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के बावजूद आज भी बड़े पैमाने पर पर्यटकों की नजरों से अछूता है। देसा क्षेत्र 36 पर्वत शृंखलाओं से घिरा हुआ है। इन पर्वतों के बीच बसे गांव क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को और आकर्षक बनाते हैं। भौगोलिक दृष्टि से भी देसा का विशेष महत्व है। यह क्षेत्र डोडा, किश्तवाड़ तथा कश्मीर के अनंतनाग समेत विभिन्न इलाकों को जोड़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देसा के शिंखली , मल्लान, ग्रामारी, भाटा, क्रल्लान, गैई, मंगल ठाठा और थाना देसा जैसे गांव पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, ईको-टूरिज्म और सतत विकास के लिए बड़ी संभावनाएं रखते हैं।
एडवोकेट सुनीत ठाकुर ने कहा कि स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग है कि देसा-कप्रन सड़क और कप्रन-वेरीनाग की ओर प्रस्तावित सड़क एवं सुरंग कनेक्टिविटी को साकार किया जाए। प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देसा को बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जा सकता है।