उधमपुर। परशुराम जयंती के पावन अवसर पर परशुराम युवा दल की तरफ से रैली का आयोजन किया गया। इसमें शहरभर के श्रद्धालुओं, युवाओं और विभिन्न संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान भगवान परशुराम की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे मार्ग में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य कुड की धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। भगवान परशुराम के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा।
यह विशाल रैली ढोल-नगाड़ों के साथ कारगिल हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर दोमेल, रामनगर और लाल चौक समेत चबूतरा बाजार से होते हुए डीएन पैलेस में जाकर संपन्न हुई। रैली के दौरान व्यापार मंडल, परशुराम ट्रस्ट के सदस्य, स्थानीय युवा और आम नागरिकों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे मार्ग में लोगों ने श्रद्धा भाव से रैली का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त किया। कई मुख्य चौक- चौराहों पर श्रद्धालुओं के लिए स्टाल भी लगाए गए थे। रैली में मुख्य रूप से उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी शिव कुमार, रामनगर के विधायक सुनील भारद्वाज सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के समापन के पश्चात प्रसिद्ध कथावाचक सुभाष शास्त्री द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन दिया गया। इसमें उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और धर्म के प्रति उनकी अटूट निष्ठा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें सत्य, साहस और माता-पिता के प्रति सम्मान की सीख देता है। प्रवचन के बाद सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देते हुए पांच जरूरतमंद लोगों को सिलाई मशीनें भी वितरित की गईं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार का पालन-पोषण बेहतर ढंग से कर सकें। कथा के उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और उत्सवमय बना रहा।
गलत रास्तों से दूर रहें युवा : डीआईजी
इस अवसर पर डीआईजी शिव कुमार ने कहा कि उधमपुर जिला वर्तमान में नशे के खिलाफ एक अहम लड़ाई लड़ रहा है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता के साथ अधिक समय बिताएं और गलत रास्तों से दूर रहें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उधमपुर एक संवेदनशील क्षेत्र है जहां सेना की उपस्थिति रहती है, इसलिए किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और अपने माता-पिता का सम्मान करने का संदेश दिया। साथ ही विधायक सुनील भारद्वाज ने कहा, भगवान परशुराम विष्णु के छठे अवतार थे, जिन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान प्राप्त था उन्होंने कहा कि इस रैली के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और जागरूकता का संदेश दिया गया।