पौनी। कस्बे के साथ लगती ऊंची पहाड़ी पर स्थित बाबा नार सिंह व बाबा भैरव नाथ के प्राचीनतम देव स्थान पर भैरव अष्टमी पर भंडारे का आयोजन किया गया। भैरव अष्टमी का यह दिन भक्तों के लिए विशेष अवसर माना जाता है। दोपहर तक चले भजन कीर्तन के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर माथा टेका।