उधमपुर। पीएचसी चनुंता में न तो एमबीबीएस डाॅक्टर और न ही अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे मशीन की सुविधा है। इतना ही नहीं पीएचसी में डेंटल डाॅक्टर तक नहीं हैं। इसके चलते क्षेत्रवासियों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कई बार स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग से सेंटर में डाक्टर की कमी को पूरा करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद पिछले दो सालों से सेंटर में एक ही आयुर्वेदिक डाॅक्टर सेंटर में आने वाले मरीजों का इलाज कर रहा है। लोगों को इलाज के लिए जीएमसी उधमपुर जाना पड़ रहा है।
इस संदर्भ में पूर्व सरपंच आशिक अली का कहना है कि सेंटर में कई डाॅक्टरों की कमी है। इसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को अपना चेकअप करवाने में आ रही है। उन्होंने कहा कि वह लोग कई बार सेंटर में डाॅक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभाग व प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद आज तक सिवाए आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सेंटर में डाॅक्टरों की कमी के चलते लोगों को मजबूर होकर जीएमसी उधमपुर जाकर अपना इलाज करवाना पड़ता है। उन्होंने बताया की पीएचसी सेंटर होने के बावजूद न तो अल्ट्रासाउंड और न ही एक्स-रे की सुविधा है। इसके चलते क्षेत्र की 5 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। उन्होंने विभाग के आला अधिकारियों सहित डीसी से जल्द से जल्द सेंटर में एमबीबीएस डाक्टर की तैनाती करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके।
कोट
पीएचसी में डाॅक्टर की तैनाती को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर सेंटर मेें एमबीबीएस डाक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।
-डाॅ. सुनील भारद्वाज, विधायक रामनगर