उधमपुर। ब्लॉक पंचेरी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 3 पीएचसी व 21 सब सेंटर बनाए गए हैं। ब्लॉक में बने तकरीबन सभी स्वास्थ्य सेंटरों में मौजूदा समय में 40 प्रतिशत स्टाफ की कमी है। इसके चलते ब्लॉक के लोगों को मजबूरन इलाज करवाने के लिए जीएमसी उधमपुर आना पड़ता है।
गौरतलब है कि यह पहाड़ी व दूरदराज का क्षेत्र होने के चलते यहां के लोगों को जीएमसी में इलाज करवाने के लिए आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर पीएचसी मौंगरी में आयुर्वेंद्धिक डाक्टर ही तैनात है जबकि एमबीबीएस डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ की बहुत कमी है। वहीं दूसरी ओर पंचैरी पीएचसी में भी पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के चलते इलाज करवाने के लिए आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इतना ही नहीं कई बार स्थानीय लोग क्षेत्र में बने सभी स्वास्थ्य सेंटरों में पैरामेडिकल स्टाफ के साथ साथ एमबीबीएस डाक्टर लगाने की मांग विभाग व सरकार से कर चुके हैं, लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के उन्हें कुछ नहीं मिला।
स्थानीय निवासी नरेश कुमार, वीना देवी, चंचल देवी, रीता कुमारी, जगदेव सिंह, करनैल सिंह सहित अन्य का कहना है कि यह क्षेत्र उधमपुर से तकरीबन 70 से 80 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके चलते मौंगरी पीएचसी में डाक्टर न होने के कारण उन्हें इलाज के लिए जीएमसी उधमपुर जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक की तकरीबन 50 हजार की आबादी विभाग द्वारा बनाए गए स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर है, लेकिन विभाग पिछले 6 सालों से डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को पूरा करने में नाकाम रहा है। उन्होंने बताया कि कई केंद्रों में पैरा मेडिकल स्टाफ न होने के चलते लोगों के खून की जांच तक नहीं हो पाती है। इसके चलते लोगों को या तो प्राइवेट क्लीनिक में जाना पड़ता है या फिर जीएमसी उधमपुर जाना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग व सरकार से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द ब्लॉक में बने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आ रही स्टाफ की कमी को दूर किया जाए, ताकि लोगों को जीएमसी उधमपुर न जाना पड़े।
कोट
ब्लॉक में बने स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी है। ब्लॉक में 3 पीएचसी व 21 सब सेंटर है। इनमें से पीएचसी मौंगरी में एमबीबीएस डाॅक्टर नहीं हैं और पंचैरी पीएचसी में भी पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी है। इसको लेकर उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को लिखित में भेजा है। विभाग की ओर से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द ब्लॉक में डाॅक्टर व स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए।
-डॉ. शफाकत जरगर, बीएमओ पंचैरी।