उधमपुर। ब्लॉक नरसू की पंचायत चिल्ड़ी में की डिस्पेंसरी पर मौजूदा समय में पांच पंचायतों के तकरीबन दस हजार के करीब लोग निर्भर हैं।
डिस्पेंसरी में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण लोगों को इलाज के लिए जीएमसी उधमपुर की ओर अपना रुख करना पड़ रहा है। हालांकि कई बार लोग विभाग से पीएचसी सेंटर बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
गौरतलब है कि इस डिस्पेंसरी में गंडवाल, किथर, चिल्ड़ी, लद्दा व समरोली पंचायत के लोग आते हैं। डिस्पेंसरी में बुखार, उल्टी, दस्त व बच्चों को लगने वाले इंजेक्शन के अलावा कोई और सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण लोगों को मजबूर होकर या तो जीएमसी उधमपुर आना पड़ता है या फिर चिनैनी अस्पताल जाना पड़ रहा है। चिल्ड़ी के पूर्व सरपंच छोटू राम ने बताया कि वह क्षेत्र में पीएचसी सेंटर बनाने की मांग पिछले कई सालों से स्वास्थ्य विभाग व सरकार से करते आ रहे हैं। आज तक सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जो डिस्पेंसरी है उस पर पांच पंचायतों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए निर्भर है।
लेकिन डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य सुविधाएं भी न के बराबर हैं, जिसके चलते लोगों को मजबूर होकर जीएमसी उधमपुर या फिर अन्य जगहों पर जाना पड़ रहा है। एक बार फिर से उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व सरकार से क्षेत्र में जल्द से जल्द पीएचसी सेंटर को बनाने की मांग की है ताकि लोगों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
इस संदर्भ में डिप्टी सीएमओ डॉ. यासीन का कहना है कि डिस्पेंसरी की जगह अब हेल्थ एंड वेल्थ सेंटर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पीएचसी नहीं बन सकती क्योंकि उसके लिए क्षेत्र में 20 हजार के करीब आबादी होनी चाहिए। मौजूदा समय में डिस्पेंसरी को खत्म कर हेल्थ एंड वेल्थ सेंटर बना दिया गया है जिसके चलते वहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बढ़ा दिया जाएगा।