रामबन। बनिहाल-काज़ीगुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के 16 किलोमीटर लंबे हिस्से पर लैवेंडर रोपण का एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है।
इस पहल के लिए तकनीकी विशेषज्ञता भारतीय एकीकृत चिकित्सा संस्थान (आईआईआईएम), जम्मू की तरफ से प्रदान की जा रही है। इस अभियान के तहत आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों लाभों को बढ़ाने के लिए राजमार्ग के किनारे हज़ारों लैवेंडर के पौधे लगाए जा रहे हैं।
यह रोपण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 16 किलोमीटर लंबी भूमि को भी कवर करता है। इसका दोहरा उद्देश्य भूमि का सौंदर्यीकरण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
आईआईआईएम जम्मू के तकनीकी स्टाफ सदस्य राजिंदर शर्मा ने कहा कि बड़े पैमाने पर की जाने वाली इस खेती से सड़क किनारे के परिदृश्य में बदलाव आने के साथ-साथ आय सृजन के नए अवसर पैदा करके स्थानीय किसानों को भी मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल भारत के सुगंधित पौधों के उद्योग का विस्तार करने के सरकार के व्यापक मिशन का एक प्रमुख घटक है, जो लैवेंडर के उच्च बाजार मूल्य और क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल होने का लाभ उठाता है।