रामनगर। पहाड़ी क्षेत्र तहसील बसंतगढ़ की पंचायत रसली ठकराई में पड़ता सरकारी प्राइमरी स्कूल गुल्ली बीते बीस वर्षों से एक ही शिक्षक के सहारे चल रहा है।
स्कूल में कक्षा एक से पांचवीं तक पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 40 है, लेकिन इन सभी बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र एक ही शिक्षक उपलब्ध है।
गांव के ग्रामीण पवन रासल, अशोक मलकान, गणेश कुमार व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल में शिक्षक उत्तम चंद स्कूल के बाकी कार्यों को भी निपटाते हैं और बच्चों को भी पढ़ाते हैं।
इसके अलावा अन्य कार्यों में ड्यूटी लगने पर वहां भी जाते हैं। इन सभी बातों के कारण बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक अशोक कुमार, दर्शन कुमार, राधु देवी, वीना देवी, आशु देवी, कमलेश कुमारी और शीतल कुमारी ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार सरकार तथा शिक्षा विभाग तक अपनी इस बात को पहुंचाया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में अध्यापकों के तीन पद हैं, लेकिन इस स्कूल में एक अध्यापक ही सभी बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चे शिक्षा में पिछड़ते जा रहे हैं, जो इकलौता शिक्षक है वो अन्य कार्यों में भी व्यस्त रहते हैं जिस कारण बच्चों को पढ़ाने का उचित समय नहीं मिल पा रहा है।
अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में कोई भी खेल मैदान नहीं है। इस कारण बच्चे पढ़ाई के साथ खेल भी नहीं सकते। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की जल्द ही स्कूल में अध्यापकों की कमी को पूरा किया जाए ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
मिड डे मील का खाना बनाने वाली रेवा देवी ने बताया पिछले 20 वर्षों से प्राइमरी स्कूल गुल्ली में बच्चों के लिए मिड डे मील का खाना बना रही हूं, लेकिन अभी तक स्कूल में किचन शेड तक नहीं बन पाया। बच्चों के लिए खाना मैं अपने घर पर ही बनाती हूं और हर दिन बच्चों को खाना देने के लिए तकरीबन 15 मिनट का सफर तय करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कई बार स्कूल में किचन शेड बनाने के लिए कहा गया लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ। उन्होंने शिक्षा विभाग से स्कूल में किचन शेड बनाने की मांग की है।