उधमपुर। भाजपा विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनविरोधी करार दिया। श्रीनगर में एक संगठनात्मक बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में पठानिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही है, जबकि सरकार ने इसके बजाय बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी कर दी है।
पठानिया ने कहा कि बिजली के एनर्जी चार्ज में 6.52 प्रतिशत और फिक्स्ड चार्ज में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने इसे टैरिफ रेशनलाइजेशन की बजाय ‘खुली लूट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) के आदेशों का हवाला देना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि बिजली नीति, वितरण कंपनियों के प्रदर्शन, सब्सिडी और उपभोक्ता हितों से जुड़े व्यापक मामलों में केंद्र शासित प्रदेश सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। पठानिया ने उमर अब्दुल्ला सरकार से सवाल किया कि जनता से किया गया 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने बिजली में राहत की उम्मीद की थी, लेकिन उन्हें टैरिफ बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या बिजली शुल्क में यह बढ़ोतरी ही उसके मुफ्त बिजली देने के मॉडल का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत का वादा किया था, लेकिन जनता को ‘झटका’ दिया जा रहा है। भाजपा विधायक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में टीएंडडी लाॅसेस अभी भी 40-45 प्रतिशत से अधिक हैं और बिजली चोरी भी बड़े पैमाने पर जारी है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था की खामियों और बिजली चोरी को रोकने के बजाय ईमानदारी से बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों और किसानों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सरकार से एटीएंडसी लाॅसेस को 41 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करने की प्रतिबद्धता को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की और पूछा कि इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अब तक क्या हुआ।