उधमपुर। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेकर उधमपुर शहर के शक्तिनगर की रहने वाली सीमा देवी (30) ने अपने हुनर को रोजगार का जरिया बनाकर महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश की है। कभी रोजगार के अवसर तलाश रही सीमा देवी ने प्रशिक्षण के बाद अपना सिलाई केंद्र शुरू किया और आज अपनी मेहनत से नियमित आमदनी अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। खास बात यह है कि आत्मनिर्भर बनने के साथ ही वह अपने आसपास की अन्य महिलाओं को भी बुटीक से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सीमा देवी ने लगभग 3 साल पहले ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से बुटीक से संबंधित प्रशिक्षण हासिल किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, कपड़ों की डिजाइनिंग और बुटीक संचालन से जुड़े विभिन्न कार्यों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उनके भीतर अपना काम शुरू करने का आत्मविश्वास आया और उन्होंने खुद का बुटीक यूनिट स्थापित करने का फैसला किया।
आज सीमा देवी अपने सिलाई केंद्र के माध्यम से आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनका कहना है कि प्रशिक्षण ने उन्हें नया हुनर सीखने के साथ अपने पैरों पर खड़े होने का भरोसा दिया। अब वह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ आसपास की महिलाओं और युवतियों को भी बुटीक से जुड़े काम सिखाने का प्रयास कर रही हैं, ताकि वे भी हुनर के जरिए आत्मनिर्भर बन सकें।
सीमा देवी की कहानी महिला सशक्तीकरण की प्रभावी मिसाल है। उन्होंने रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने हुनर को अपनी ताकत बनाया और अब अन्य महिलाओं के लिए भी अवसर तैयार कर रही हैं। उनकी पहल यह संदेश देती है कि सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं न केवल खुद रोजगार हासिल कर सकती हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा सकती हैं।