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Udhampur News: उधमपुर में जलशक्ति कर्मचारियों और श्रमिकों ने किया प्रदर्शन

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प्रदर्शन करते जलशक्ति कर्मचारी। - फोटो : udhampur news
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उधमपुर। जलशक्ति कर्मचारी एवं श्रमिक संघ ने शुक्रवार को पीएचई कॉम्प्लेक्स उधमपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला अध्यक्ष एवं जम्मू प्रांत के वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता सोम नाथ की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जलशक्ति विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और अन्य श्रमिकों ने भाग लिया।
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सभा को संबोधित करते हुए सोमनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जलशक्ति दैनिक वेतनभोगियों की ज्वलंत और वास्तविक समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति को छह माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन आज तक समिति ने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह समिति न तो लंबित वेतन, न ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम और न ही कर्मचारियों की भारी कमी जैसे मुद्दों पर कोई ठोस भूमिका निभा रही है।
उन्होंने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जहां एक ओर सरकार ने नए वाहन, विधायकों के वेतन में वृद्धि और प्रोटोकॉल जैसी सुविधाएं अपने लिए सुनिश्चित की हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बिना वेतन और भविष्य की सुरक्षा के जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
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प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। इनमें सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सीपी/आईटीआई/लैंड केस वर्करों का एसआरओ-64 के तहत तत्काल नियमितीकरण, सभी कर्मचारियों की लंबित सेवा शीटों को पूरा करना तथा नई नियमितीकरण नीति बनाने की मांग शामिल है। इसके साथ ही वर्ष 2014 से 2020 तक लगभग 65 से 70 महीनों के लंबित वेतन को ब्याज सहित जारी करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान की भी मांग की गई।
न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लेकर भी सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दैनिक वेतन मात्र 311 रुपये प्रतिदिन है, जो देश में सबसे कम है, जबकि लेह यूटी में दरें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी, नई जल आपूर्ति योजनाओं के लिए श्रमिकों की नियुक्ति, जेजेएम योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए कर्मचारियों की भर्ती करने तथा लंबे समय से लंबित डीपीसी आयोजित करने की मांग भी उठाई गई।
अंत में सोमनाथ ने सरकार से अपील की कि वह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की वास्तविक मांगों को शीघ्र पूरा करे और टालमटोल की नीति को त्यागे। इस अवसर पर सुरज प्रकाश, विजय शर्मा, दिनेश केसर, शंकर सिंह, महिंदर सिंह, करण सिंह, प्रेम सिंह, संदोक राम, तिलक राज कटोच सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
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