उधमपुर। जिले में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को होने जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और तहसील स्तर पर विशेष पीठें बैठेंगी। इसमें लोगों के आपसी समझौते से बिना किसी कोर्ट फीस के त्वरित न्याय दिया जाएगा। लोक अदालत की सबसे बड़ी ताकत है कि इसका फैसला अंतिम होता है, यह सिविल कोर्ट की डिक्री के समान बाध्यकारी होता है और इसकी अपील नहीं होती। इससे सालों से लंबित मुकदमों का बोझ कम होता है। इस बार प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि लोक अदालत में कुल 18 श्रेणियों के मामले समझौते के लिए रखे जा सकते हैं। इसमें आपराधिक शमनीय मामले, प्ली बारगेनिंग, राजस्व मामले, बैंक रिकवरी, चेक बाउंस, सर्विस और पेंशन मामले, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, ट्रैफिक चालान, वैवाहिक विवाद (तलाक के मामलों को छोड़कर), उत्तराधिकार, भूमि अधिग्रहण, श्रम विवाद, मध्यस्थता, उपभोक्ता मामले, बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल और अन्य सभी दीवानी मामले शामिल हैं।