उधमपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय उधमपुर ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत दायर एक याचिका को वापस लेने की मंजूरी दे दी है। याचिकाकर्ताओं ने मामले में कुछ नए और महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़ने के उद्देश्य से पुरानी याचिका वापस लेकर नई याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं के प्रस्तुत आवेदन पर यह आदेश जारी किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पहली याचिका में कुछ तकनीकी कमियां और महत्वपूर्ण तथ्य छूट गए थे। इन कमियों को केवल संशोधन (अमेंडमेंट) के जरिए ठीक नहीं किया जा सकता था। इसलिए इसे वापस लेकर नई याचिका दाखिल करना आवश्यक था। अदालत ने अधिवक्ता के बयानों और मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए याचिका को वापस लेते हुए खारिज कर दिया। साथ ही याचिकाकर्ताओं को नए सिरे से अपनी बात रखने के लिए नई याचिका दाखिल करने की छूट भी प्रदान की।