उधमपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आबकारी अधिनियम के एक मामले में त्वरित फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। यह मामला उधमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें ओसू के रहने वाले आरोपी पर आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने वकीलों की मौजूदगी में अदालत के समक्ष स्वेच्छा से अपना अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को सचेत भी किया कि वह गुनाह कबूल करने के लिए बाध्य नहीं है और ऐसा करने पर सजा हो सकती है, लेकिन आरोपी के अड़े रहने और बार-बार अनुरोध करने पर कोर्ट ने उसके बयान दर्ज किए। अदालत ने आरोपी के इकबालिया बयान को आधार मानते हुए उसे दोषी पाया और नरमी बरतते हुए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया। इसके साथ ही आरोपी को अदालत उठने तक की साधारण कैद की सजा सुनाई गई। दोषी द्वारा जुर्माने की रकम तुरंत सरकारी खजाने में जमा करा दी गई। इसके बाद अदालत ने उसे जमानत और मुचलके पर बरी कर दिया।