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Udhampur News: बिजली, पानी और शिक्षा के मुद्दे उठाए, समाधान की मांग

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उधमपुर। तहसील मजालता के सतरैडी, सूंडला, नीली, बालपुर आदि इलाकों से आए प्रतिनिधिमंडलों ने सैलें तालाब कार्यालय में वरिष्ठ नेता पवन खजूरिया से मुलाकात कर बिजली-पानी और शिक्षा से संबंधित समस्याएं उठाईं।
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मजालता के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि देश को आजाद हुए 78 वर्ष हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है लेकिन जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में सुधार करना बाकी है। मजालता में कई काम सुस्त रफ्तार से चल रहे हैं। उन्होंने अपने गांव पर चर्चा करते हुए पवन खजूरिया को बताया कि हमारे गांव में भी बहुत सी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। मिडिल स्कूल को अपग्रेड नहीं किया जा रहा, जो हाई स्कूल बने हैं वह हमारी पहुंच से दूर हैं। हाई स्कूल दूर होने की वजह से कई छात्राएं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पातीं। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों की तादाद तो बढ़ती जा रही है लेकिन अध्यापकों की संख्या में कमी आई है। इसके अलावा कृषि विभाग की योजनाएं भी उनके पास न के बराबर पहुंच पाती हैं, कोई किसान अगर अपने खेत में सब्जियां उगाकर अपना जीवन यापन करना चाहता है तो उसके लिए पानी की व्यवस्था शून्य है। उन्होंने बताया कि हम पानी भी दूर दूर से ढोकर लाते हैं।
एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने सड़कों की हालत को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि पिछले दस साल से सड़कों की बहुत बुरी हालत है, अगर कहीं किसी सड़क पर कभी कभार तारकोल बिछाया भी जाता है तो नुमाइंदों की लापरवाही और ठेकेदार के घटिया काम के कारण वह एक–दो महीने से ज्यादा टिक नहीं पाता है। बिजली की खराब व्यवस्था का खुलासा करते हुए कहा कि पिछले दिनों हुई भीषण बारिश से कई स्थानों पर टूटे हुए खंभे दुरुस्त नहीं हुए।
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पवन खजूरिया ने समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनको आश्वासन देते हुए कहा कि वह इस संदर्भ में जिला आयुक्त से मिलकर समाधान करवाएंगे। इसके अलावा उन्होंने सभी प्रतिनिधिमंडलों से आग्रह किया कि वह अभी अपने अपने क्षेत्रों में अगर कोई विकास कार्य होता है तो उस पर कड़ी नजर रखें और कहीं गुणवत्ता में कहीं कोई कमी नजर आए तो यह बात हमारे संज्ञान में लाई जाए, ताकि हम संबंधित विभागीय अधिकारियों से बात करके उक्त ठेकेदार की मनमानी पर रोक लगा सकें।
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