उधमपुर। व्यापार मंडल की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष ने पुरानी सदस्यता, पंजीकरण प्रक्रिया और चुनावों को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए। इस पर वर्तमान व्यापार मंडल ने सभी आरोपों को सिरे खारिज करते हुए व्यापारियों को बेवजह गुमराह करने का आरोप लगाया। इससे शहर के व्यापारी भी जमीनी हकीकत को लेकर असमंजस में पड़ गए हैं।
व्यापार मंडल के फिर से करवाए गए पंजीकरण के तहत पर सवालिया निशान उठाते हुए मंडल अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रह चुके संजीव शर्मा ने कहा कि नए संगठन के नाम पर लिए जा रहे सदस्यता शुल्क का पैसा कहां जा रहा है। शर्मा ने कहा कि सबसे पहले जिस व्यापार मंडल का गठन व पंजीकरण हुआ था, उस पंजीकरण के तहत वर्तमान अध्यक्ष अपनी टीम का पंजीकरण नहीं करा सके। इसके चलते उनकी टीम ने नए व्यापार मंडल का पंजीकरण कर फिर से सदस्यता शुल्क वसूल रहे हैं, जबकि जो व्यापारी पुराने व्यापार मंडल के साथ अपनी पंजीकरण करा चुके हैं और पुराने संगठन के साथ ही खड़े हैं उन्हें फिर से सदस्यता लेने की जरूरत नहीं है। बरमानी और उनकी टीम की इस कार्रवाई से शहर में दो व्यापार मंडलों का गठन हो चुका है।
पुराने व्यापार मंडल के तहत लिया गया सदस्यता शुल्क का पैसा आज भी पुराने संगठन के खाते में पड़ा हुआ जबकि बरमानी और उनकी टीम द्वारा वसूला जा रहा पैसा किस खाते में जा रहा है जबकि नियमों के अनुसार वर्तमान व्यापार मंडल की टीम को सबसे पहले स्थापित एवं पंजीकृत हुए व्यापार मंडल के तहत ही खुद को पंजीकृत करना चाहिए था।
उनका यह भी आरोप था कि वर्तमान टीम ने नया पंजीकरण कराने के बाद खुद से व्यापार मंडल का कार्यकाल 3 से 5 साल तक के लिए बढ़ा दिया, जबकि पिछले चुनाव में एक एडहॉक टीक का गठन किया गया था और उसके बाद ही चुनाव कराए गए थे। अगर 2023 में व्यापार मंडल का पंजीकरण हुुआ तो नियमानुसार फिर से चुनाव होने चाहिए थे और व्यापारी ही अपनी मर्जी से नई टीम का चयन कर सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ जबकि व्यापार मंडल ने कार्यकाल पूरा होने के बावजूद भी चुनाव को लेकर बार-बार सवाल खड़े करने पर अपनी अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके चलते वह खुद अन्य व्यापारियों के साथ मिलकर इस पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। इस मौके पर उनके साथ व्यापारी तरुण धरमानिया और राहुल गुप्ता भी मौजूद थे।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
वहीं संजीव शर्मा और अन्य व्यापारियों के आरोप के बाद वर्तमान व्यापार मंडल अध्यक्ष जतिंद्र बरमानी और उनकी टीम ने भी स्पष्टीकरण दिया। बरमानी ने उनकी टीम पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुरानी रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर 29 दिसंबर 2023 में नई कमेटी का पंजीकरण किया गया। जिसके तहत 2024-25 का सदस्या शुल्क लिया जा रहा है। संगठन ने किसी भी व्यापारी की सदस्यता रद्द नहीं की है। रही बात चुनाव की तो इसको लेकर एक जनरल मीटिंग की जानी है जिसके बाद ही सर्व सहमति के साथ चुनाव को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। अगर किसी व्यापारी को दिक्कत है तो वो व्यापार मंडल के किसी भी पदाधिकारी के पास आकर अपनी बात कर सकते हैं लेकिन इस तरह से व्यापार मंडल की कार्यप्रणाली को लेकर बेबुनियादी आरोप लगाकर व्यापारियों को गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। इस मौके पर राहुल गुप्ता, विक्रम सलाथिया, जतिंद्र कुमार आदि मौजूद थे।