उधमपुर। एक वर्ष से शहर के नजदीक तवी नदी पर जर्जर हो चुके सलमेह पुल के असुरक्षित घोषित होने के बाद से ही लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब नए पुल के बनने की उम्मीद जगी है। कुछ दिन पहले जिला विकास परिषद की बैठक में इस पुल को 25 करोड़ की लागत से बनाने की मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसे मंजूरी के लिए नाबार्ड को भेजा गया है। पुल बनने के बाद 75 हजार आबादी की जिला मुख्यालय तक राह आसान हो जाएगी।
इस पुराने पुल को सुरक्षा समिति ने जांच के बाद बीते एक साल से वाहनों की आवाजाही के लिए असुरक्षित घोषित कर रखा है। इसके बाद से ब्लाॅक घोरड़ी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली उधमपुर-घोरडी रोड पर वाहनों की जिला मुख्यालय तक राह मुश्किल हो गई है, लेकिन मार्च माह से इस पुल पर यात्री वाहन समेत अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया था। इसके बाद से ही इसमें ब्लाॅक घोरड़ी की 20 पंचायतों के अलावा शहर से सटे लड्डन, पावर हाऊस, औसू, कैरा, पखलाई और चढ़त आदि के कई इलाको के लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है।
कई बार लोग कर चुके हैं प्रदर्शन
पिछले पांच महीनों से लोग नए पुल बनने की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन सिर्फ लोगों को यही आश्वासन दिया जा रहा है कि डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दी गई है। जैसे ही मंजूरी मिलती है वैसे ही पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हैरानी की बात है कि जहां 75 हजार की आबादी इस पुल की वजह से परेशान है। कई बार लोग प्रशासन व संबंधित विभाग के खिलाफ धरने प्रदर्शन भी कर चुके हैं। उसके बावजूद लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
यह पुल जोड़ता है तीन विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को
सलमेह में बना पुराना नहर पुल लगभग 6 दशक से भी अधिक पुराना है और यह काफी समय से जर्जर हालत में है। यह पुल (लड्डन, पावर हाऊस, औसू कैरा, पखलाई और ब्लाॅक घोरडी का एक बडा इलाका) जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों रामनगर, उधमपुर और चिनैनी के लोगों को जोड़ता है। पुल बनाने में इतनी देरी क्यों हो रही है इसका लोगों को अभी तक पता नहीं चल पाया है।
कई महीनों से जिला मुख्यालय से टूटा है सीधा संपर्क
पुल के पार जिला उधमपुर की 75 हजार आबादी रहती है जिसमें ब्लॉक घोरड़ी की 20 पंचायतों के अलावा शहर से सटे कई इलाके शामिल हैं। पुल को असुरक्षित घोषित करने के बाद इस सड़क का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। लोग पैदल अथवा दूर दराज के इलाकों के विकल्प मार्गों से होकर जिला मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र के विकास पर भी पड़ रहा असर
सलमेह पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद हाेने से इससे संबंधित क्षेत्रों का विकास कार्य भी काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है। इसमें विकास कार्याें सहित घर आदि के निर्माण कार्य के लिए सरिया, सीमेंट और ईंट आदि सामान भी इन इलाकों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। शादी जैसे समारोहों के लिए भी लोगाें का अपने इलाकों तक जरूरी रसद और सामान तक पहुंचाना टेडी खीर साबित हो रहा है।