रिसायी नगर परिषद के वार्ड-2 की 1650 की आबादी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। नगर परिषद के अधीन वार्ड-दो में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गलियां कच्ची हैं और इनके किनारे बड़ी-बड़ी घास उगी है। जिनका काम शुरू हुआ वह भी आधा-अधूरा है। वार्ड का एरिया कैंबल डंगा से वाया नई बस्ती से होते हुए मोहल्ला गड़ाल तक है। वार्ड में 670 वोटर और कुल आबादी 1650 है, जो 15 साल से विकास की राह देख रहे हैं। वार्ड में गलियां और नालियां नहीं बनने से लोग परेशान हैं। बारिश के दौरान गंदा पानी गलियों में बहता है। मुख्य सड़क से वार्ड के अंदरूनी हिस्से में स्ट्रीट लाइटों का अभाव है। बिजली के ज्यादातर खंभों पर लाइट ही नहीं लगाई गई है। शाम ढलते ही वार्ड अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी आती है।
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वार्ड की परेशानी, लोगों की जुबानी
पिछले 15 वर्षों से वार्ड की गलियों की हालत खस्ता है, जो हाल 15 वर्ष पहले थे, आज भी वैसे ही हैं। गलियों का निर्माण करवाने में कोई नीति नहीं बनाई गई है। आधा-अधूरा काम बीच में ही छोड़ दिया गया है। वार्ड के पार्षद पांच वर्षों से विकास करवाने में विफल साबित हुए हैं। अब वार्ड महिला आरक्षित हुआ है। उम्मीद है नई पार्षद विकास करवाएगी।
रतन लाल भगत, निवासी वार्ड-2
गली आधी बनी है, नाली का निर्माण ऐसा है जैसा किया ही नहीं गया हो। बारिश के दौरान पानी गली में ही रुका रहता है। ज्यादा बारिश होने पर पानी घरों में घुस जाता है। पार्षद को गली का निर्माण करवाकर लोगों की परेशानी हल करनी चाहिए।
- चांद रानी, वार्ड निवासी
गलियों और नालियों की हालात खराब है। नई बस्ती चौक से एसएसपी चौक तक स्ट्रीट लाइटों का उचित प्रबंध नहीं है। आए दिन मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों की परेशानी को दूर किया जाना चाहिए।
- शाम पंडोह, वार्ड निवासी
मकान नंबर सात से आशिक अली के घर तक कई लोगों के घरों से गली गुजरती है। विरोध प्रदर्शन के बाद आधी गली बनाई गई। उसके आगे की आधी गली नहीं बनी है। सफाई कर्मी हफ्ते में एक ही दिन आते हैं। वार्ड की गली में सफाई करवाने की जरूरत है।
सोहन सिंह, वार्ड निवासी
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टेंडर होने के बाद भी आधी गली का निर्माण हो सका। गली में जारी काम के दौरान मिन्नतें करने के बाद थोड़ा सा काम आगे बढ़ा, लेकिन पूरा नहीं किया गया। सौ मीटर गली बननी बाकी है, जिसका काम कब होगा कुछ पता नहीं। ड्रेन सिस्टम सही नहीं होने से बारिश का पानी घरों में घुस जाता है।
भवानी ठाकुर, वार्ड निवासी
नगर परिषद की ओर से सही रणनीति के साथ काम नहीं करने के कारण ही वार्ड में विकास रुका हुआ है। लोगों के घरों तक जाने वाली अधिकांश गलियां आधी-अधूरी हैं। पूरे वार्ड का अगर सर्वे किया जाए तो काफी गलियां अभी भी कच्ची हैं। पार्षद वार्ड में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था नहीं करवा पाए और न ही सोलर लाइट लगाई गई। वार्ड को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। पैसा कहां लगाया गया कुछ पता नहीं।
- वीर सिंह भगत, हारे उम्मीदवार
पांच वर्ष के दौरान लगभग 80 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं, जिसमें सीडीएफ का पैसा भी लगाया है। इसमें से मुख्य रूप से बीस लाख रुपये कब्रिस्तान की दशा सुधारने उसकी दीवार बनाने व गेट लगाने पर खर्च किए गए हैं। सेंटर ड्रेन और लेन बनाने के लिए 50 लाख तक खर्च आया है। अभी आने वाले दिनों में 25 से तीस लाख रुपये के काम शुरू होंगे, जिससे कई गलियां बनाई जाएंगी। नई बस्ती में एक गली का काम लोगों के आपसी मतभेद के चलते नहीं किया जा सका है।
- ओम प्रकाश भगत, पार्षद, वार्ड-2