हिंदी दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते बच्चे।
उधमपुर। नगर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संगुर स्थित कामन पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में विशेष कार्यक्रम हुआ। इसमें छात्रों ने नाट्य कला, कविता वाचन व वादविवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से राष्ट्रभाषा की अहमियत समझाई। इसमें बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया। प्रधानाचार्या सुमन स्नेह ने हिंदी दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 सितंबर 1953 को हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिला था। उन्होंने आत्मीयता से इसे अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक समय में हिंदी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का बहुत प्रभाव हुआ है। कई शब्द प्रचलन से हट गए हैं जिनकी जगह अंग्रेजी शब्दों ने ले ली है। इससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गई है। राष्ट्रभाषा हिंदी के संरक्षण के लिए इसे और भी अधिक बढ़ावा देने की जरूरत है। गवर्नमेंट कालेज फार वूमेन में भी विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोफेसर विरेंद्र सिंह चिब मुख्य अतिथि थे जबकि साहित्यकार शिव निर्मोही बतौर विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में एचओडी हिंदी प्रो. पूनम ने सभी का स्वागत किया। छात्राओं के बीच एक कविता पाठ प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसमें 17 प्रतिभागियों में दीक्षा ठाकुर, जाह्नवी शर्मा और आयुषी केसर ने प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार जीता। कार्यक्रम में प्रो. शालू जसरोटिया, प्रो रेखा और रुचिका दांगी ने जज की भूमिका निभाई। अतिथि शिव निर्मोही ने विभिन्न भारतीय भाषाओं पर नियमित चर्चा और प्रतियोगिताओं की आवश्यकता पर विचार किया। उन्होंने हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता के विचार की सराहना की और डोगरी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। दिल्ली पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 09 से 14 सितंबर तक साप्ताहिक हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इसके तहत विषय से संबधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित करवाई गई। इसके अलावा छात्रों ने विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अभिनय कर के लोगों को राष्ट्रभाषा के प्रति जागृत किया। अनुच्छेद 370 पर भी चर्चा की गई तथा छात्रों ने शहीद कैप्टन तुषार महाजन के जीवन पर प्रकाश डाला। हिंदी दिवस के मौके पर छात्रों के बीच कवि सम्मेलन व वाद विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन करवाया गया। जिसमें छात्रों ने अपने तर्को से समझाया कि कि कैसे भारत की भावी पीढ़ी 21 वीं सदी की पीढ़ी अपनी मातृभाषा के सम्मान की रक्षा के लिए तैयार है जहां अंग्रेजी को वैश्विक भाषा माना जाता है। स्कूल के वाइस चेयरमैन डा. जेसी गुप्ता व स्कूल के प्रधानाचार्य डा. कुनाल आनंद मुख्य रूप से उपस्थित रहे। गढ़ी स्थित प्रिंस्टन इंगलिश एकेडमी में भी हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया। छात्रों के विभिन्न हिंदी दिवस से संबधित वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। एकेडमी डायरेक्टर ओमान थामस ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए व इसे अन्य भाषाओं सहित बड़े पैमाने पर आम बोलचाल में भी इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा ओमाडा मोड़ स्थित जेके पब्लिक स्कूल में भी हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर राष्ट्रभाषा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। स्कूल एमडी मोहिन्द्र सिंह ने हिंदी दिवस प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी युवा पीढ़ी को हिंदी भाषा से जोड़ना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देखा गया है कि वर्तमान युग में यह अपना महत्व खो रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल देश की आधिकारिक भाषा को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की गतिविधियां करता रहेगा।