उधमपुर। जीएमसी उधमपुर के लिए 200 बेड की इमारत के निर्माण के चलते जिला अस्पताल के लिए आवाजाही करने वाला मार्ग और गेट बंद हो गए हैं और इससे मरीजों व तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। मरीजों व तीमारदारों को अब वाहन से लेकर धार रोड के रास्ते अस्पताल तक आना पड़ रहा है। इसके अलावा पुराने गेट के बंद होने के बाद लोग जान जोखिम में डाल कर पुराने मार्ग के रास्ते चल रहे हैं। इससे अब किसी हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है।
जीएमसी उधमपुर तक पहुंचने के लिए दो मार्ग हैं। एक मार्ग अस्पताल रोड से होकर पहुंचता है और यह मार्ग करीब 50 वर्ष से भी अधिक पुराना है। दूसरा मार्ग धार रोड से होकर पहुंचता है। जीएमसी उधमपुर के लिए 200 बेड की नई इमारत के चलते पुराने मार्ग को बंद कर दिया है। जीएमसी की इमारत का हिस्सा मार्ग के बीच ही तैयार किया जा रहा है। इसके लिए मार्ग के बीच खुदाई कर दी है और मार्ग बंद होने के कारण गेट को भी बंद कर दिया गया है। मार्ग बंद होने के बाद लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। कुछ लोग गेट के साथ ही पैदल मार्ग से होकर अस्पताल के अंदर प्रवेश कर रहे हैं और जान जोखिम में डाल कर निर्माण स्थल से होकर अस्पताल तक पहुंच रहे हैं। इससे किसी हादसे की आशंका बन रही है। विशाल, आशीष व अन्य शहरवासियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने निर्माण कार्य के चलते गेट व मार्ग को बंद कर दिया है, लेकिन कुछ लोग शार्ट रास्ते के चलते जान जोखिम में डाल कर निर्माण स्थल से होकर गुजर रहे हैं। अगर कोई निकाले गए गड्ढे में गिर जाता है तो बड़े हादसे का शिकार हो सकता है। इसलिए अस्पताल प्रशासन को इस मार्ग को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।