उधमपुर। शहर के साथ लगते मलाड़ नड़े गैर गांव में बुधवार रात को बिजली बंद होने और मरम्मत के लिए कर्मचारियों के नहीं पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया। कई बार सूचित करने के बाद भी जब कर्मचारी नहीं पहुंचे तो मजबूरन लोगों ने खुद की जान जोखिम में डाल दी। खंभे पर चढ़ कर मरम्मत कर बिजली को बहाल किया।
रतन लाल, पंच पूर्ण चंद, हंस राज, मनाेज कुमार, केवल कुमार व अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि शाम करीब पांच बजे अचानक से बिजली की तार टूटने से पूरे गांव में बिजली बंद हो गई। बिजली बंद होने पर तुरंत इसके बारे में लाइनमैन को सूचित किया। लाइनमैन ने कहा कि कुछ ही देर में कर्मचारी पहुंच कर मरम्मत का कार्य शुरू कर देंगे, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो फोन स्विच आफ था। रात करीब नौ बजे तक इंतजार करने के बाद जब कोई नहीं पहुंचा तो मजबूरन खुद ही खंभे पर चढ़ कर मरम्मत का काम करना शुरू किया और किसी तरह से बिजली सेवा को बहाल किया। उन्होंने बताया कि अगर खुद काम कर बिजली सेवा को बहाल नहीं करते तो गर्मी के बीच रात गुजारनी पड़ती। उन्होंने बताया कि गांव में बिछाई गई लाइन कई वर्ष पुरानी है। आए दिन इसी तरह से केबल टूटती रहती है और बिजली सेवा को प्रभावित करती है। कई बार मांग करने के बाद भी पुरानी केबल को बदला नहीं जा रहा है।
कोट
मलाड़ इलाके के लोगों का शिष्टमंडल कार्यालय आया था। मलाड़ में केबल टूटने का कारण अधिक लोड है। इसका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास चल रहा है। सप्ताह के अंदर स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।
-संजय गुप्ता, एईई, पीडीडी